भ्रष्टाचार पर सदन में खूब बरपा हंंगामा, पक्ष-विपक्ष ने एक-दूसरे को सुनाई खरी-खोटी… पढ़ें पूरी खबर
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
दो दिन जारी रही चर्चा; पक्ष-विपक्ष ने एक-दूसरे को खरी-खोटी सुनाई, भाजपा ने वाकआउट किया
तपोवन में जारी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दो दिन प्रदेश सरकार के दो साल के कार्यकाल में हो रहे भ्रष्टाचार पर काम रोको प्रस्ताव के तहत लाई गई चर्चा के अंत में सदन में खूब हंगामा हुआ। कोई भी पक्ष एक-दूसरे की बात मानने को तैयार नजर नहीं आया। अंतत: मुख्यमंत्री का जवाब शुरू होते ही विपक्ष वाकआउट कर गया। दो दिन लगातार सभी माननीयों ने इस चर्चा में भाग लिया। इस दौरान दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोपों का दौर जारी रहा। कुल चार दिनों के सत्र के दौरान दो दिन इसी चर्चा में बीत गए। गुरुवार को दूसरे दिन जब अंत में मुख्यमंत्री रिप्लाई देने लगे, तो विपक्ष उठ कर बाहर चला गया और सरकार ने इस प्रस्ताव को रद्द करते हुए निंदा प्रस्ताव को पारित कर दिया।
आधा सत्र जिस पर सरकार और विपक्ष चर्चा करते रहे, अब उसके परिणाम पर सबकी निगाहें हैं। प्रदेश सरकार ने एक चीज को क्लियर कर दिया कि भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए एक्ट लाया जाएगा। इसके लिए सरकार गंभीरता से सोच रही है और लीगल सुझावों पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने खनन व अवैध खनन न किए जाने को लेकर भी नीति बनाने की बात कही है। इसके अलावा जंगल कटने की बात पर भी जंगलों में कटान को खोलने के लिए समय व सिस्टम निर्धारित किए जाने को लेकर काम करने का आश्वासन दिया गया है। सदन के अंदर दो दिन तक चली भ्रष्टाचार पर चर्चा के दौरान बाहर बुद्विजीवी लोग चर्चा करते रहे कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद जिस महत्त्वपूर्ण मुद्दे को लेकर चर्चा की गई, उसका कोई सार्थक परिणाम निकलेगा या नहीं।
