Himachal Pradesh

सरकार के पास आएगा डूगर प्रोजेक्ट, कोर्ट में बोली सरकार, स्वतंत्र एजेंसी करेगी खर्च का मूल्यांकन

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

प्रदेश सरकार ने एनएचपीसी लिमिटेड को आबंटित डूगर (500 मेगावाट) जलविद्युत परियोजना को अपने अधीन लेने का निर्णय लिया है। यह योजना चंबा जिले में चिनाब नदी पर लुज गांव के पास विकसित की जा रही है। प्रदेश सरकार ने प्रदेश हाई कोर्ट को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना पर होने वाले वास्तविक व्यय का मूल्यांकन करने के लिए एक स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 07 नवंबर, 2024 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में मुफ्त विद्युत रॉयल्टी के संबंध में मुद्दे पर चर्चा की गई थी।
इसके बाद निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार की एक टीम केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के साथ चर्चा करेगी। सचिव, विद्युत मंत्रालय भारत सरकार ने मामले की विस्तृत जांच करने के पश्चात हिमाचल प्रदेश सरकार को 12 मार्च, 2025 को पत्र भेजा, जिसके तहत राज्य सरकार से अनुरोध किया गया था कि या तो हिमाचल सरकार एवं एनएचपीसी द्वारा परस्पर सहमति से निर्धारित नियमों एवं शर्तों को बहाल किया जाए और राज्य एवं राष्ट्र के हित में परियोजना के शीघ्र कार्यान्वयन में सहायता की जाए अथवा हिमाचल प्रदेश सरकार ब्याज सहित व्यय की प्रतिपूर्ति करने के पश्चात परियोजना को अपने अधीन ले ले। अब राज्य सरकार ने इस परियोजना को अपने अधीन लेने और एनएचपीसी द्वारा इस परियोजना पर अभी तक किए खर्चे को लौटने का निर्णय लिया है।