धरना देने वाले पीटीएफ के तीन और पदाधिकारी ट्रांसफर, शिक्षा विभाग की कार्रवाई, दस पहले ही निलंबित
शिक्षा विभाग ने शुरू की कार्रवाई, दस शिक्षक पहले ही निलंबित
प्राथमिक शिक्षक संघ की पूरी कार्यकारिणी की बदली की भी तैयारी
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
एक निदेशालय बनाने और अंडर-12 स्कूली खेलें बंद करने के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले प्राथमिक शिक्षक संघ (पीटीएफ) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए हिमाचल सरकार ने पीटीएफ के तीन और पदाधिकारियों को ट्रांसफर कर दिया है। इसके तहत हमीरपुर जिला में तैनात हैडमास्टर और पीटीएफ जिला प्रधान रजनीश कुमार, जिला महासचिव पीटीएफ हैडमास्टर कुशल कुमार और जिला अध्यक्ष हैडटीचर के तबादला आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा अब शिक्षा विभाग प्रदर्शन करने वाले बाकी शिक्षकों की लिस्ट भी तैयार कर रहा है। इससे पहले दस शिक्षकों को संस्पेंड किया जा चुका है। 26 अप्रैल को शिक्षकों की ओर से चौड़ा मैदान में धरना प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। शिक्षा सचिव की ओर से स्कूल शिक्षा निदेशक को जारी आदेशों में इन शिक्षकों पर तीन तरह की कार्रवाई करने को कहा गया है।
जिन शिक्षकों ने शिमला में जाकर धरना दिया, उनके एक दिन को डाइज नॉन कर दिया गया है। यानी इस एक दिन की सैलरी कट जाएगी, चाहे इन्होंने छुट्टी ले रखी हो। हालांकि यह अवधि ब्रेक इन सर्विस नहीं होगी। इसके लिए धरने की वीडियोग्राफी करने के निर्देश पहले ही स्कूल शिक्षा निदेशक को दिए गए थे। इसी वीडियोग्राफी के जरिए पहचान कर यह कार्रवाई की जा रही है। जिन शिक्षकों या शिक्षक नेताओं ने चौड़ा मैदान में हुए धरने के दौरान भाषण दिया और शिक्षा सचिव या अन्य के खिलाफ गलत शब्दों का प्रयोग किया, उनको सस्पेंड करने की ऑर्डर दिए गए हैं। यही नहीं, इन आदेशों में यह भी कहा गया है कि जो शिक्षक पहले दी गई चेतावनी के अनुसार ऑनलाइन काम नहीं करेंगे, मिड-डे मील का काम नहीं करेंगे और ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं लगाएंगे, उनको सीसीएस सीसीए रूल्स के रूल 56 (जे) के आधार पर जबरन रिटायर करने की प्रक्रिश चलाने के आदेश भी दिए गए हैं। इसके अलावा प्राथमिक शिक्षक संघ की पूरी कार्यकारिणी के तबादले भी किया जा सकते हैं।
