Himachal Pradesh

आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन बांटने की व्यवस्था बदली

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फेस-ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद लाभार्थियों को मिल रहा पोषण आहार

विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

किशोरी, गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं और बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से टेक होम राशन के तहत सूखा राशन वितरित किया जाता है, लेकिन कई बार शिकायत मिलती है कि पोषण आहार हितग्राही तक नहीं पहुंचा। योजना में बड़े पैमाने पर हेराफेरी होती है। ऐसे में अब नई व्यवस्था लागू की गई है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की दिशा में पहली जनवरी से फेस वेरिफिकेशन और ओटीपी सिस्टम लागू किया है। आंगनबाड़ी केंद्र में कमजोर वर्ग के परिवारों के बच्चों, गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के साथ किशोरियों को पूरक पोषण आहार दिया जाता है। इस व्यवस्था को टेक होम राशन (टीएचआर) के तहत जाना जाता है। इस व्यवस्था के तहत कुपोषण की समस्या दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

पूरक पोषण के तौर पर पोषण आहार का तैयार मिश्रण और अंडे दिए जाते हैं, जिससे कई नए व्यंजन बनाए जा सकते हैं, जिनको बच्चे काफी पसंद करते हैं। नई व्यवस्था के तहत फेस वेरिफिकेशन और ओटीपी के जरिए टीएचआर का वितरण किया जा रहा है। जो किशोरी, महिलाएं अपने और अपने बच्चों के लिए पोषण आहार लेने आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचेंगी, उनका बायोमेट्रिक सिस्टम के तहत फेस रीडर के माध्यम से फेस वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी में हितग्राही का जो मोबाइल नंबर दर्ज होगा, उस नंबर पर एक ओटीपी आएगा। जिसको दिखाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को टेक होम राशन दिया जाएगा।