40 छात्रों को जम्मू से लेकर लौटी एचआरटीसी की बस, कांगड़ा में हुआ स्वागत
भारत-पाक जंग के चलते फंसे थे हिमाचली बच्चे, सरकार ने सुरक्षित पहुंचाए घर
श्रीनगर से हिमाचली बच्चों की सरकार ने सुरक्षित घर वापसी करवा दी है। शनिवार को इन 40 बच्चों को लेने के लिए एचआरटीसी की विशेष बस जम्मू भेजी गई थी, जो दोपहर में कांगड़ा वापस लौट आई। यहां कांगड़ा में एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा व अन्य अफसरों ने बच्चों का स्वागत किया और इनके भोजन-पानी की व्यवस्था करके उन्हें उनके घरों को भिजवा दिया। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डा. निपुण जिंदल ने बताया कि नौ मई की सुबह हिमाचल सरकार को सूचना मिली कि कश्मीर के श्रीनगर में कृषि विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों में पढऩे वाले राज्य के लगभग 40 छात्र क्षेत्र में मौजूदा स्थिति के कारण फंसे हुए हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम को तुरंत उनकी सुरक्षित वापसी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जम्मू और पठानकोट क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद एक विशेष एचआरटीसी बस को जम्मू भेजा गया था।
जम्मू-कश्मीर सडक़ परिवहन निगम के साथ आगे समन्वय किया गया, जिन्होंने छात्रों की श्रीनगर से जम्मू तक की यात्रा की व्यवस्था की। छात्र नौ मई की देर रात जम्मू पहुंच गए थे। भारत-पाक के बीच चल रहे संघर्ष के बावजूद बच्चों को जम्मू में रात को ठहराने का निर्णय लिया गया। रात भर आराम करने के बाद एचआरटीसी की विशेष बस सुबह छात्रों को लेकर वहां से रवाना हुई और वापस कांगड़ा बस स्टैंड लेकर आई। उसके बाद छात्र अपने-अपने घरों को चले गए। डा. निपुण जिंदल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार और एचआरटीसी ने छात्रों के ठहरने के दौरान उनके लिए भोजन और आवास की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू और कश्मीर प्रशासन के साथ मिलकर काम किया।
