Himachal Pradesh

चिट्टे के बाद पंजाब से आ रहा नया नशा, एक युवक किया है गिरफ्तार

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प्रदेश में एमडीएमए ड्रग की सप्लाई
चिट्टे के बाद अब पंजाब से एमडीएमए ड्रग की सप्लाई हिमाचल आ रही है। 3,4-मेथिलीनडाईऑक्सी-एन-मेथैम्फेटामाइन या एमडीएमए ड्रग अवैध रूप से बनाई जा रही है। एमडीएमए प्रतिबंधित दवा है। एमडीएमए मस्तिष्क न्यूरॉन्स से सेरोटोनिन और नोरेपिपेफ्रिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के स्त्राव को उत्तेजित करता है। पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर जैसी स्थिति में इसका उपयोग किया जाता है, लेकिन अब तस्कर नशे के रूप में इसका सब्सटेंस तैयार कर बेच रहे हैं। इसकी कीमत भी चिट्टे से ज्यादा है। तस्कर इन टेबलेट या कैप्सूल को पीसकर चुरा बनाते हैं, जिसे नशेड़ी सुंघकर नशे के रूप में उपयोग कर रहे हैं। कई बार तो सीरिंज के माध्यम से भी इसे शरीर में इंजेक्ट किया जाता है। मंडी में पहला एमडीएमए ड्रग का मामला दर्ज किया गया है। हटली पुलिस द्वारा पांच ग्राम एमडीएमए ड्रग के साथ गिरफ्तार किए गए आशीष को न्यायालय ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
रिमांड के दौरान पुलिस द्वारा युवक से मामले में पूछताछ की जाएगी। आशीष ने बताया कि वह यह ड्रग पंजाब से लेकर आया था। आशीष चिट्टे का आदी है। दिनेश ठाकुर, एमओएच जोनल अस्पताल मंडी ने बताया कि एमडीएमए एक प्रतिबंधित दवा है। इसका उपयोग पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर जैसे मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों में इलाज के लिए होता है। युवक इसका उपयोग बिना डॉक्टरी सलाह के नशे के रूप में सबस्टांस तैयार कर करते हैं। डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम ने बताया कि सरकाघाट में युवक से 5 ग्राम एमडीएमए ड्रग बरामद किया है। यह प्रतिबंधित दवा है, इसलिए उसके उपयोग पर कानून में सजा का प्रावधान है।