फिन्ना सिंह परियोजना में भ्रष्टाचार की आशंका
जयराम का आरोप, ज्वाइंट वेंचर रोककर चहेतों को लाभ पहुंचाना चाहती है सरकार
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रविवार को शिमला से जारी बयान में कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित फिन्ना सिंह योजना में भी भ्रष्टाचार के रास्ते तलाश रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने टेंडर की शर्तों में जो हेर-फेर कर रही है, उससे प्रदेश को करोड़ों की चपत लग रही हैं। जयराम ठाकुर ने आरोप लगया है कि ज्वाइंट वेंचर पर रोक लगा कर प्रदेश सरकार एक तरफ नियमों की धज्जियां उड़ा रही है, तो दूसरी तरफ टेंडर प्रक्रिया से बहुत से बड़ी कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखा रही है, जिसकी वजह से कई कंपनियां टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो गई और टेंडर का कंपीटीशन घट गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि पहले से निर्धारित खेल इसके बाद शुरू हुआ और सरकार की ही चहेती कंपनियों ने मिल जुल कर खेल शुरू कर दिया है। इसी का नतीजा है कि फिन्ना सिंह प्रोजेक्ट के जिस टेंडर की कीमत 297 करोड़ थी, उसके लिए मिनिमम बिड 304 रुपए करोड़ के ऊपर आई है। प्रदेश सरकार इन्हीं कंपनियों को अब काम देकर प्रदेश को करोड़ों की चपत लगाएगी।
उन्होंने कहा कि यह भी सूचना आ रही ही कि जिन कंपनियों का सरकार साथ दे रही है, उनका डैम बनाने का पहले कोई अनुभव ही नहीं है। ऐसे में सरकार द्वारा इस तरह से केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता भी अपने चहेतों को लाभ देने में लुटाई जा रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि सरकार ने ज्वाइंट वेंचर पर रोक लगाकर टेंडर से बहुत सी कंपनियों को बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि फिन्ना सिंह प्रोजेक्ट में ही 2016 में ज्वाइंट वेंचर की सुविधा से टेंडर हुए थे।
