भरमौर के ग्राम पंचायत पूलन में 840000 की राशि से बांटे गए देसी नस्ल की बकरे – बकरी ….

अनूठी पहल स्थानीय लोगों से खरीद कर स्थानीय लोगों में बांटे पशु
पहली बार बांटे गए देसी नस्ल की बकरा बकरी
जिला चंबा के भरमौर की ग्राम पंचायत पूलन मे पहली बार नए प्रयोग के तहत (देसी नस्ल) की बकरी ब बकरे किए गए वितरित।₹840000 की लागत से यह बकरे बकरी स्थानीय लोगों में बांटे गए ताकि लोग इसे स्वरोजगार से जोड सके।
आज ग्राम पंचायत पूलन मे पहली बार (देसी नस्ल) की बकरी ब बकरे अनुसूचित जनजाति उपयोजना के तहत 12 अति निर्धन (BPL)गरीब परिवारों को प्रति परिवार 4 बकरी ब 1बकरे को वितरित किया गया।
इससे पहले विभाग द्वारा देश की दूसरी नस्ल जिसमें खासकर राजस्थानी विदेशी नस्ल की बकरी ब बकरे दिए जाते थे ।
लेकिन यह विदेशी नस्ल भरमौर के वातावरण के अनुसार ज्यादा दिन जिंदा नहीं रह पाते थे।, प्रधान ग्राम पंचायत पूलन के विशेष आग्रह पर देसी नस्ल की बकरी ब बकरे अपनी पंचायत में वितरित करवाए ब सभी लाभार्थियों को पांच दिवसीय निशुल्क ट्रेनिंग के लिए पालमपुर भेजा गया।
इस मौके पर प्रधान ग्राम पंचायत पूलनअनीता कपूर ने कहा इस बात की बहुत ही खुशी है की पूलन पंचायत के व्यापारी वीर सिंह द्वारा बेची गई 60 बकरियों को पूलन पंचायत के गरीब परिवारों को बांटा गया।
बेचने वाला भी पूलन का ही व्यापारी है और और इसका लाभ लेने वाले भी 12 (BPL) परिवार भी पूलन पंचायत के, उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वह अपनी आर्थिकी सुदृढ़ीकरण के लिए इस व्यवसाय को बढ़ाएं वह इस प्राचीन व्यवसाय को अपनाकर बेरोजगार युवा भी स्वरोजगार से जुड़ सकते हैं में तो हो सकते हैं।
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र पालमपुर के सौजन्य से प्रति परिवार 70000 हजार व ₹840000/_की कुल लागत से देसी नस्ल की 04 बकरियां ब 01बकरे को वितरित किया गया, ब साथ मे पशु आहार का भी वितरण किया गया।
