छह विधायकों को अयोग्य ठहराकर मजबूत हुई सुक्खू सरकार, 53 प्रतिशत लोगों ने दिया सरकार का साथ
ट्राइबल टुडे न्यूज़
हिमाचल में राज्यसभा सीट पर 40 विधायकों वाली सुक्खू सरकार 15 एमएलए वाली भाजपा से हार गई। उसके बाद हिमाचल में सियासी हडक़ंप है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने क्रॉस वोटिंग करने पर कांग्रेस के छह विधायकों को अयोग्य घोषित किया है। अब ये विधायक उतराखंड के किसी होटल पर हैं। इन विधायकों पर कार्रवाई पर पूरे प्रदेश में गांव से लेकर शहर तक जोरदार डिबेट हो रही है। इसी ज्वलंत मुद्दे पर प्रदेश के अग्रणी मीडिया हाउस ने जनता की राय जानने के लिए इस बार साप्ताहिक सर्वे में सवाल पूछा था कि ‘क्या छह विधायकों को अयोग्य ठहराकर सुक्खू सरकार मजबूत हुई है’ इस पर जनता का मत आ गया है।
सर्वे में अपनी राय देने वाले 53 प्रतिश लोगों ने सरकार के फैसले को सही बताकर कहा है कि इससे सुक्खू सरकार मजबूत हुई है। चार प्रतिशत लोगों ने कहा उन्हें इस विषय में पता नहीं है। सरकार के फैसले के खिलाफ 43 प्रतिशत लोगों ने अपनी बेबाक राय दी। सर्वे में कुल 2233 लोगों ने अपना पक्ष रखा। सबसे ज्यादा कमेंट यू-ट्यूब पर मिले।
हिमाचल प्रदेश की सियासत पर देश की नजर
हिमाचल के इस सियासी घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर है। दरअसल जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा होने पर राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव हुआ था। इसमें संख्या बल प्रदेश की सुक्खू सरकार के साथ दिख रहा था। कांंग्रेस के पास 40 विधायक थे, जबकि भाजपा के पास 25 एमएलए थे। तीन विधायक निर्दलीय थे। कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी को प्रत्याशी बनाया, तो भाजपा ने हर्ष महाजन को दावेदार बनाया। वोटिंग के दिन कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। नतीजों में यही वोटिंग कांग्रेस की हार का कारण रही।
आप भी लें सर्वे में हिस्सा
प्रदेश का अग्रणी मीडिया हाउस ‘दिव्य हिमाचल’ हर सप्ताह प्रदेश के ज्वलंत मसले पर जनता की राय जानता है। इसके तहत ‘दिव्य हिमाचल’ अखबार के प्रथम पन्ने पर सवाल देख सकते हैं। उसके बाद वेबसाइट दिव्य हिमाचल डॉटकॉम, यूटयूब व फेसबुक पेज पर जहां यह सवाल डिस्पले होता है, वहां अपनी राय दे सकते हैं।
