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चंबा:बेटी के इलाज के लिए विशेषज्ञ से बात करवाई तो भड़क गया डॉक्टर

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संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,

विशेषज्ञ की बताई दवाई भी नहीं लिखी, रात को फिर बिगड़ी बच्ची की तबीयत, दोबारा लानी पड़ी अस्पताल
मेडिकल कॉलेज का मामला, बच्ची के अभिभावक ने चिकित्सा अधीक्षक से की डॉक्टर की शिकायत

चंबा। कहने के लिए डॉक्टर किसी भी समय मरीजों के इलाज में ऑन कॉल विशेषज्ञ से परामर्श ले सकते हैं, लेकिन जब कोई तीमारदार अपने मरीज के इलाज के लिए उस डॉक्टर से फोन पर विशेषज्ञ से बात करवाना चाहे तो डॉक्टर नाराज हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला मेडिकल कॉलेज चंबा के आपातकालीन कक्ष में सामने आया है। तेज बुखार से पीड़ित ढाई वर्ष की बच्ची को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष में लाया गया। यहां तैनात एमबीबीएस डॉक्टर दूसरे मरीजों की जांच करने में व्यस्त थे। ऐसे में बच्ची के पिता ने शिशु रोग विशेषज्ञ को फोन कर बेटी की बीमारी के बारे में बताया। उन्हीं विशेषज्ञ से उनकी बेटी का इलाज भी चल रहा था। ऐसे में विशेषज्ञ ने अपनी बात उस डॉक्टर से करवाने की बात कही। जैसे ही तीमारदार ने डॉक्टर से विशेषज्ञ की बात करवाई तो एमबीबीएस डॉक्टर भड़क गया और उसने विशेषज्ञ के कहे अनुसार बच्ची को दवाई नहीं लिखी। इतना ही नहीं, बच्ची के माता-पिता को यह तक कह दिया कि यदि उन्हें विशेषज्ञ से ही इलाज करवाना है तो ओपीडी में जा सकते हैं। इसके बाद अभिभावक अपनी बच्ची को एमबीबीएस की लिखी दवाई लेकर घर चले गए, लेकिन रात को 12:00 बजे के बाद उन्हें दोबारा मेडिकल कॉलेज आना पड़ा। उनकी बेटी तेज बुखार के कारण बेहोश हो गई। उस समय आपातकालीन कक्ष में दूसरा डॉक्टर था। जिसने विशेषज्ञ की बताई दवाई को पर्ची पर लिखा और बच्ची को अस्पताल में भर्ती किया। इसको लेकर अभिभावक ने चिकित्सा अधीक्षक को भी फोन कर अवगत करवाया। डॉक्टर की ऐसी लापरवाही किसी मरीज की जान पर भी भारी पड़ सकती है।

उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया था। इसको लेकर संबंधित एमबीबीएस डॉक्टर से पूछताछ की जाएगी। आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी देने वाले सभी डॉक्टरों को ऑन कॉल मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेने की बात कही गई है।