सरकारी स्कूलों के डेस्क खरीदने को मंजूरी
संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे.
प्रोमोशन पोस्टिंग के अलावा नए टेंडर को भी एनओसी; सडक़ें पक्की करने, डिजास्टर कंसलटेंट को स्वीकृति
भारत निर्वाचन आयोग से हिमाचल के सरकारी स्कूलों के लिए होने वाली डेस्क परचेज की मंजूरी मिल गई है। एलिमेंटरी और हायर एजुकेशन निदेशालय के तहत चलने वाले स्कूलों के लिए 40000 डेस्क खरीदे जा रहे हैं। करीब 20 करोड़ का यह टेंडर जनरल इंडस्ट्रीज कारपोरेशन यानी जीआईसी के माध्यम से राज्य सरकार कर रही है। टेंडर की औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं, लेकिन इसका खुलना बाकी था। इसी के लिए यह अनुमति जरूरी थी। अब मंजूरी मिलने के बाद बुधवार को यह टेंडर खोला जा सकता है। सरकारी स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, लेकिन बहुत से स्कूलों में बच्चों को बैठने के लिए डेस्क नहीं हैं। इसी आधार पर चुनाव आयोग से यह मंजूरी मांगी गई थी। चुनाव आचार संहिता के बीच भारत निर्वाचन आयोग से राज्य सरकार द्वारा मांगी गई कई और मंजूरियां भी मिल गई हैं।
25 डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोफेशनल कंसल्टेंसी के लिए नियुक्त करने की एनओसी निर्वाचन आयोग ने दे दी है। विभिन्न विभागों में कर्मचारी और अधिकारियों की प्रोमोशन को भी अनुमति मिल गई है। लोक निर्माण विभाग में सुप्रिटेंडिंग इंजीनियर इलेक्ट्रिकल का पद प्रमोशन से भरने के अलावा इसी विभाग में चीफ इंजीनियर और सुपरिटेंडेंट ग्रेड वन के पद पर प्रमोशन को भी अनुमति दे दी है। एचआरटीसी को लक्कड़ बाजार शिमला से धार बस सर्विस को मंधार तक चलने को एनओसी मिल गई है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन के टेंडर के साथ राशन की जनजातीय क्षेत्रों में ढुलाई के लिए टेंडर जारी करने को अनुमति दे दी है। नगर निगम शिमला के क्षेत्र में विभिन्न सडक़ों और रास्तों को पक्का करने या रि-सरफेसिंग की अनुमति भी चुनाव आयोग
