Himachal Pradesh

वोट डालने से छूटे उद्योगों के सैकड़ों कामगार

Spread the love

न अतिरिक्त बसें आईं; न उद्योगपतियों ने एक्स्ट्रा छुट्टी दी, आधी रात बद्दी बस स्टैंड में गाडिय़ों का इंतजार करते रहे कर्मी

संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे— बद्दी

इस बार लोकसभा व विधानसभा उपचुनाव में सैकड़ो हिमाचली उद्योग कर्मी वोट डालने से महरूम रह गए। वजह यह रही कि अधिकतर कंपनियों ने उद्योग कर्मियों को एक्स्ट्रा छुट्टी से मनाही कर दी और रविवार को हर सूरत ड्यूटी जाने की हिदायतें दे दीं, जिसका असर यह रहा कि दूर जाने वाले उद्योग कर्मियों ने मतदान से किनारा करना ही बेहतर समझा। इसके अलावा जो कुछ जाना चाहते थे, उन्हें आने जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था समय पर नहीं मिली और जाने से गुरेज़ कर गए। कई उद्योग कर्मियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि चुनावी बेला है, अतिरिक्त बसें चलेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बद्दी में सैकड़ों हिमाचली कामगार अपने अपने घर जाने के लिए देर रात तक बस सुविधा की तलाश में भटकते रहे। बताया जा रहा है कि कई हिमाचली कर्मचारी अपने गृह जि़ला चंबा, कुल्लू, कांगड़ा आदि जिलों में वोट डालने के लिए जाना चाहते थे, लेकिन उनको फैक्टरी से छुट्टी शुक्रवार दोपहर बाद मिली। हालांकि चुनाव आयोग ने मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित कर रखा है, लेकिन औद्योगिक कर्मचारी एक दिन की छुट्टी में कैसे घर पहुंचे, इसकी फिक्र किसी को नहीं थी।
इसके अलावा एक वजह यह भी है कि एक दिन की छुट्टी और सैकड़ों किलोमीटर का सफर उद्योग कर्मियों के लिए आफत बन जाता है, क्योंकि एक दिन की छुट्टी का ज़्यादा हिस्सा तो सफर में ही कट जाता है, इसलिए उद्योग कर्मी अकसर जाने से टल जाते हैं। इस मर्तबा यह भी एक बड़ा कारण रहा क्योंकि कई कंपनियों ने तो दो दिन की छुट्टी कर दी थी, लेकिन ज़्यादातर ने एक्स्ट्रा छुट्टी नहीं दी, बल्कि बाक़ायदा नोटिस चस्पां कर दिया कि अगर रविवार सुबह 8 बजे तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं की, तो एक सप्ताह की अबसेंट मानी जाएगी। ऐसे हालात के चलते उद्योग कर्मियों ने घर जाने के बजाय रुकने में भलाई समझी। वहीं कुछ महंगी टैक्सी कर, तो कुछ लिफट लेकर रवाना हुए, लेकिन बड़ी तादाद बद्दी में रहने को मजबूर रही। हमीरपुर और मंडी संसदीय क्षेत्र के मतदाता समय से अपने अपने घरों के लिए रवाना हो गए थे। बताया जा रहा है की इनके लिए उनके हलके के समाजसेवियों ने बाक़ायदा वाहनों की व्यवस्था की थी। चंबा के कर्मचारी पवन कुमार, केडी शर्मा ने कहा कि एक दिन के बजाय हमें दो छुट्टियां होनी चाहिएं।
बैलट पेपर का हो प्रावधान
हिमाचल कल्याण सभा के प्रदेशाध्यक्ष कुलवीर जम्वाल, महासचिव कालिदास शर्मा व उपाध्यक्ष सुषमा ठाकुर ने कहा कि अगर सरकार व चुनाव आयोग व परिवहन निगम कर्मचारियों के आने जाने की व्यवस्था नहीं कर सकते, तो उनको बैलट पेपर से मतदान करने का प्रावधान करें।