गर्मी से पहले हो जाने चाहिए चुनाव, भारत निर्वाचन आयोग ने मानी गलती
आयोग ने मानी गलती; कहा, लापता जेंटलमैन वापस आ गए
संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
भारत निर्वाचन आयोग ने भीषण गर्मी के बीच चुनाव कराने को गलती माना है। साथ ही यह भी स्वीकार किया है कि चुनाव गर्मी के मौसम में नहीं कराए जाने चाहिए। सात चरणों के मतदान का दौर समाप्त होने के बाद और मतगणना से एक दिन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए आम चुनाव से जुड़े सवालों के खुलकर जवाब दिए। उन्होंने कहा कि चुनावों से सबसे बड़ी सीख यही मिली है कि यह प्रक्रिया गर्मी के पहले पूरी हो जानी चाहिए। खास बात है कि शुरुआती चरणों में हुए कम मतदान की एक वजह गर्मी को भी माना गया था। उन्होंने कहा कि भारत ने लोकसभा चुनाव में 31.2 करोड़ महिलाओं समेत 64.2 करोड़ मतदाताओं की भागीदारी के साथ विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। दुनिया की सबसे बड़ी मतदान प्रक्रिया में 68,000 से अधिक निगरानी दल और डेढ़ करोड़ से अधिक मतदान तथा सुरक्षा कर्मी शामिल रहे। निर्वाचन आयुक्तों को सोशल मीडिया पर कुछ मीम में लापता जेंटलमैन नाम दिए जाने के संदर्भ में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि हम हमेशा यहीं थे, कभी नदारद नहीं रहे। उन्होंने कहा कि अब मीम बनाने वाले कह सकते हैं कि लापता जेंटलमैन वापस आ गए हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्टोरी आशा देने वाली है।
ये लोग लोकतंत्र में भाग लेकर आगे आना चाहते हैं। बहुत जल्दी हम इनकी इच्छा पूरी करेंगे। जम्मू-कश्मीर में बहुत जल्द चुनाव होंगे। हम इसकी प्रक्रिया जल्दी शुरू करेंगे। उधर, मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि शक का इलाज तो हकीम लुकमान के पास भी नहीं है। कांग्रेस नेता ने शनिवार को कहा था
