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पाक के लिए जासूसी करने वाले ब्रह्मोस के पूर्व इंजीनियर को उम्रकैद, 2018 में हुई थी गिरफ्तारी

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आईएसआई के लिए कर रहा था काम, साल 2018 में हुई थी गिरफ्तारी

संवाददाता संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे ,
नागपुर की एक अदालत ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व इंजीनियर निशांत अग्रवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (ओएसए) की धारा 3 और 5 के तहत आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा अग्रवाल पर 3000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। साल 2018 में ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के नागपुर स्थित मिसाइल सेंटर के टेक्निकल रिसर्च सेंटर में काम करने के दौरान निशांत अग्रवाल को मिलिट्री इटेलिजेंस और यूपी- महाराष्ट्र की एटीएस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में गिरफ्तार किया था। उसने चार साल तक ब्रह्मोस एयरोस्पेस में काम किया था।
अग्रवाल फेसबुक पर नेहा शर्मा और पूजा रंजन नाम के दो अकाउंट्स से चैट किया करता था। जांच में सामने आया था कि दोनों अकाउंट्स को पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हैंडल कर रहे थे। निशांत के अलावा एक और इंजीनियर पर सेना नजर रख रही थी। इसके बाद निशांत को गिरफ्तार किया गया था। अग्रवाल ब्रह्मोस एयरोस्पेस में सीनियर सिस्टम इंजीनियर थे। यह डीआरडीओ और रूस के मिलिट्री इंडस्ट्रियल कंसोर्टियम (एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया) का संयुक्त उद्यम है, जो भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल पर काम करता था, जिसे जमीन, हवा, समुद्र और पानी के नीचे से लांच किया जा सकता है। अग्रवाल को 14 साल के कठोर कारावास की सजा और उन पर 3000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है