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जीत भी पा ली, सरकार भी बचा ली, पहले बड़े सियासी इम्तिहान में कामयाब रहे सुक्खू

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संवाददाता संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे ,

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले बड़े सियासी इम्तिहान में कामयाब रहे सुखविंदर सिंह सुक्खू
कांग्रेस ने उपचुनाव में घिरी छह में से चार सीटें जीतकर सरकार को मजबूत स्थिति में ला दिया है। अब फिलहाल सरकार पर कोई खतरा बनता नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस इस जीत का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को दे रही है। सीएम ने कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार को विधानसभा उपचुनाव में धार दी और छह विधायकों के बिकने को मुद्दा बनाकर इस लड़ाई को जनबल बनाम धनबल बना दिया। विधानसभा उपचुनाव को जनता का चुनाव बनाने की मुख्यमंत्री की रणनीति कारगर साबित हुई और कांग्रेस पार्टी ने चार सीटें जीतकर विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक सोची समझी रणनीति के तहत सभी छह सीटों पर ईमानदार और साफ सुथरी छवि के उम्मीदवारों को उतारा। इस रणनीति से जहां राजेंद्र राणा का गढ़ टूट गया, वहीं ऊना जिला में भी कांग्रेस पार्टी दो बागियों देवेंद्र भुट्टो और चैतन्य शर्मा को हराने में सफल हुई। इसके अतिरिक्त नए चेहरे और महिला उम्मीदवार को लाहुल-स्पीति से उतारने का मुख्यमंत्री का दांव कामयाब हुआ। इससे बागी रवि ठाकुर तीसरे स्थान पर खिसक गए और अपनी जमानत तक बचाने में असफल रहे।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा उपचुनाव पर विशेष ध्यान देकर सभी सीटों पर धुआंधार प्रचार करते हुए ताबड़तोड़ रैलियां कीं और बागियों पर तीखे हमले किए। इसी कारण कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा उपचुनावों के बेहतर प्रदर्शन करते हुए चार सीटों पर कब्जा किया और विधानसभा में अपनी स्थिति को 34 से 38 कर दिया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन छह विधानसभा सीटों पर आक्रामक तेवर अपनाए