नगर निगम सोलन के मेयर और पूर्व मेयर अयोग्य करार
संवाददाता संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे ,
नगर निगम सोलन की मेयर उषा शर्मा व पूर्व मेयर पूनम ग्रोवर को दलबदल के आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इस संबंध में शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव ने नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इन दोनों पर दिसंबर माह में हुए मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव के समय कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध कार्य करने का आरोप था। इस फैसले की जानकारी मिलते ही अब दोनों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है। गौर रहे कि निगम चुनावों में बहुमत हासिल करने वाली कांग्रेस पार्टी के भीतर ही पिछले करीब एक वर्ष से उथल-पुथल चल रही थी। अंदर ही अंदर कांग्रेस पार्षदों के ही दो गुट बन गए थे और इसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को गत वर्ष दिसंबर माह में हुए मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव में भुगतना पड़ा था। बीते वर्ष दिसंबर माह में हुए मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी के हाथ से डिप्टी मेयर का पद खिसक गया था। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के अधिकृत मेयर व डिप्टी मेयर के प्रत्याशियों को हार का मुंह देखना पड़ा था। कांग्रेस के कथित बागी गुट से उषा शर्मा मेयर व भाजपा की मीरा आनंद डिप्टी मेयर चुनी गई थी। इस चुनाव के बाद कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी सरदार सिंह ठाकुर ने कांग्रेस के चार पार्षदों उषा शर्मा, पूनम ग्रोवर, राजीव कौड़ा व अभय शर्मा पर भाजपा के साथ मिलकर उन्हें हराने का आरोप लगाया था और इसकी शिकायत कमिश्नर को की थी।
उन्होंने शिकायत में कहा था कि इन चारों पार्षदों ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और ऐसे में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ जाने के लिए उनकी सदस्यता रद की जानी चाहिए। कमिश्नर ने इस शिकायत को शहरी विकास विभाग को भेजा था, जहां से मामले को लेकर उपायुक्त सोलन को जांच करने के आदेश दिए गए थे। उपायुक्त ने अपनी जांच के दौरान उषा शर्मा, पूनम ग्रोवर, राजीव कौड़ा व अभय शर्मा के बयान दर्ज किए और जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार द्वारा 7 दिसंबर, 2023 को जारी व्हिप समेत अन्य पहलुओं पर पूरी जांच रिपोर्ट तैयार की थी। इस पूरे घटनाक्रम में मेयर समेत चारों कांग्रेस पार्षदों की सदस्यता पर तलवार लटकी हुई थी। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लडऩे पर उषा शर्मा व उनका नाम प्रस्तावित करने पर पूनम ग्रोवर को अयोग्य घोषित कर दिया गया।
राजीव कौड़ा व अभय शर्मा की सदस्यता बच गई। उधर, शहरी विकास विभाग ने 10 जून को नोटिफिकेशन जारी कर चार में से दो पार्षदों को अयोग्य घोषित किया है। इसमें एक वर्तमान मेयर उषा शर्मा हैं और दूसरी पूर्व मेयर पूनम ग्रोवर हैं। इस संबंध में जारी नोटिफिकेशन में शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने हिमाचल प्रदेश म्यूनिसपल कॉरपोरेशन एक्ट 1994 के सेक्शन 8-ए व 8-सी का हवाला दिया है, जिसमें सेक्शन 8-ए में दलबदल के आधार पर अयोग्य घोषित किए जाने का प्रावधान है। उधर, इस नोटिफिकेशन के जारी हो जाने के बाद अब इन दोनों का अगला कदम क्या होगा यह आने वाला वक्त बताएगा। हालांकि सूत्रों के अनुसार दोनों ने माननीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है।
मां शूलिनी मेले के आयोजन, शहर के विकास की गति पर सवाल
सोलन शहर के साथ पिछले कुछ सप्ताह से कुछ भी सही नहीं हो रहा है। पहले ही पेयजल किल्लत से तड़प रहे सोलन शहर में राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेले के आयोजन का दबाव है, वहीं अब वर्तमान मेयर व पूर्व मेयर की सदस्यता रद्द हो जाने के बाद अब शहर की महत्त्वपूर्ण मेयर की कुर्सी भी खाली हो गई है। ऐसे में राजनीतिक उठापटक के बीच मां शूलिनी मेला के आयोजन और शहर के विकास को किस तरह गति मिलती है, यह आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।
