Himachal Pradesh

हिमाचल में बनेगी साइबर लैब; जल्द मिलेगी साइबर क्राइम जांच की रिपोर्ट, नहीं होगी देरी

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संवाददाता संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे — शिमला

हिमाचल प्रदेश में साइब क्राइम के मामलों की जांच की रिपोर्ट के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश में साइबर लैब बनाने के लिए साइबर सैल ने प्रायास शुरू कर दिए हैं। हिमाचल प्रदेश में साइबर लैब बनने से साइबर क्राइम पुलिस और सक्षम होगी। साइबर क्राइम के मामलों से जुड़ी जांच अब हिमाचल में हो सकेगी। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में साइबर लैब बनाई जाएगी। साइबर लैब डिजिटल उपकरणों से पूरी तरह से लैस होगी। साइबर सैल की लैब बनने से साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की जांच में तेजी आएगी। इसस पहले साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की जांच के लिए उपकरणों को चंडीगढ़ और गांधीनगर गुजरात सीएफएल में भेजे जाते थे।
अब साइबर क्राइम की लैब शिमला में बनाई जाएगी। इसके लिए साइबर सैल की ओर से पुलिस मुख्यालय को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा। डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने बताया कि जल्द ही शिमला साइबर लैब बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक साइबर लैब के 1.5 करोड़ का बजट आया है। उन्होंने कहा कि साइबर डिजीटल उपकरणों से पूरी तरह से लैस होगी। उन्होंने बताया कि साइबर लैब में मोबाइल/डिस्क/ कलाऊड फोरेंसिक, मोबाइल फोरेंसिक, सीसीटीवी फुटेज एनालाइसिस, डिजिटल इमेज, वीडियो डाटा, ईमेल एनालाइसिस, डिस्क फोरेंसिक, सोशल मीडिया एनालाइसिस, सैल आईडी कैप्चर, पासवर्ड करैकिंग, सीडीआर एनालाइसिस किया जाएगा।
ठगी का शिकार, तो डायल करें 1930
डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने बताया कि साइबर लैब के बारे में जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साइबर लैब बनने से तुरंत डिजिटल साक्ष्य मिल जाएंगे। मोहित चावला ने कहा कि अगर कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।