Himachal Pradesh

बल्क ड्रग पार्क का पोस्टमार्टम करेंगे जेपी नड्डा

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दिल्ली में उद्योग विभाग की टीम के साथ बैठक आज, फार्मा सचिव केंद्रीय मंत्री को देंगे मीटिंग की रिपोर्ट

विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले कार्यकाल में हिमाचल को मिले बल्ब ड्रग पार्क का पोस्टमार्टम अब नए फर्टिलाइजर मंत्री जगत प्रकाश नड्डा करेंगे। नड्डा को प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रालय में 100 दिन का एजेंडा तैयार कर लागू करने को कहा है। इस एजेंडे का एक हिस्सा देश के तीन राज्यों में आबंटित हुए बल्क ड्रग पार्क भी हैं। हिमाचल में ऊना जिला के हरोली विधानसभा क्षेत्र में बन रहे इस पार्क के लिए अब केंद्रीय फार्मास्यूटिकल सचिव डा. अरुनिश चावला ने मंगलवार को दिल्ली में बैठक बुलाई है। हिमाचल की ओर से इस बैठक में उद्योग निदेशक राकेश प्रजापति, अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, जॉइंट डायरेक्टर ऊना अंशुल धीमान, एचपीएसआईडीसी के एक्सईएन राजेश मिन्हास और अर्नेस्ट एंड यंग से सुमित सागर शामिल होंगे। हिमाचल के अलावा गुजरात और आंध्र प्रदेश को भी बल्क ड्रग पार्क मिले हैं, इसलिए इस बैठक में तीनों राज्यों में अब तक हुए काम की समीक्षा होगी।

इस बैठक से ठीक पहले हिमाचल के लिए अच्छी बात यह है कि पार्क के लिए होने वाली एनवायरमेंट क्लीयरेंस के टम्र्स आफ रेफरेंस यानी टीओआर जारी हो गए हैं। अब मामला सिर्फ राज्य सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी का है, ताकि टेंडर हो सके। बल्क ड्रग पार्क की पहली किस्त के तौर पर केंद्र सरकार ने 225 करोड़ दिए हैं और अब पूरे प्रोजेक्ट की लागत भी 2170 करोड़ हो गई है। इसमें एक वजह पिछले तीन साल में लागत बढ़ाना भी है। इसलिए हिमाचल सरकार को अपनी हिस्सेदारी के तौर पर करीब 1000 करोड़ रुपए डालने होंगे। दिल्ली में होने वाली इस बैठक से पहले केंद्रीय फार्मास्यूटिकल विभाग ने हिमाचल में पार्क पर हुए काम का सारा डाटा एकत्र किया है। इस बैठक को करने के बाद भी इसकी रिपोर्ट फार्मास्यूटिकल सेक्रेटरी केंद्रीय मंत्री नड्डा को देंगे।

गुजरात दौरे पर जाएगी उद्योग विभाग की टीम

बल्क ड्रग पार्क पर देश के तीनों राज्यों में से सबसे ज्यादा काम अभी तक गुजरात ने किया है। गुजरात में टेंडर की प्रक्रिया के बाद लैंड एलॉटमेंट का काम भी शुरू हो गया है, इसीलिए हिमाचल से भी उद्योग विभाग की टीम गुजरात के दौरे पर जा रही है, ताकि शेयरिंग और लर्निंग हो सके। जैसे ही राज्य सरकार के स्तर पर वित्तीय हिस्सेदारी तय हो जाएगी, हिमाचल में भी पार्क को लेकर टेंडर हो जाएगा।