Himachal में PWD के 70 प्रोजेक्ट में खामियां
325 परियोजनाओं के निरीक्षण के बाद स्टेट क्वालिटी मॉनिटर का खुलासा
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
हिमाचल प्रदेश में पीडब्ल्यूडी प्रोजेक्ट की गुणवत्ता में खामियां पाई गई हैं। प्रदेश के सभी 12 जिलों में 325 प्रोजेक्ट के निरीक्षण के बाद स्टेट क्वालिटी मॉनिटर रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की यह रिपोर्ट विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। अप्रैल से जून तक सबसे खराब गुणवत्ता रखरखाव के कार्यों की रही है। 35.63 फीसदी कार्य अंसतोषजनक पाए गए हैं। रिपोर्ट में रखरखाव (मेनटेनेंस) के 174 कार्यों का निरीक्षण किया गया है। इनमें से 62 प्रोजेक्ट असंतोषजनक पाए गए हैं। 21 प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जो संतोषजनक तो हैं, लेकिन उनमें जरूरी सुझाव के निर्देश दिए हैं। जबकि 91 प्रोजेक्ट में संतोषजनक पाए गए हैं।
इस रिपोर्ट में पूरे हो चुके कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच की गई है। जांच में 7.69 फीसदी कार्य असंतोषजनक पाए गए हैं। रिपोर्ट में बीते तीन महीने के दौरान पूरे हो चुके 39 कार्य में से तीन असंतोषजनक पाए गए हैं, सात कार्य संतोषजनक तो हैं, जबकि 29 कार्य संतोषनजक पाए गए हंै। रिपोर्ट में चल रहे (आनगोइंग) प्रोजेक्ट का हवाला भी दिया है। प्रदेश में 88 आनगोइंग प्रोजेक्ट हैं इनमें से पांच असंतोषजनक पाए गए हैं, जबकि दो प्रोजेक्ट को अपग्रेड करने की सलाह रिपोर्ट के माध्यम से दी गई है। शिमला में खत्म हो चुके दो प्रोजेक्ट असंतोषजनक पाए गए हैं,जबकि मंडी में एक प्रोजेक्ट इस श्रेणी में है।
गुणवत्ता ने नहीं होगा कोई समझौता
पीडब्ल्यूडी के प्रोजेक्ट पर बड़ी संख्या में सवाल उठने के बाद अब इनकी विभागीय जांच हो सकती है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह पहले ही गुणवत्ता से समझौता न करने की बात कह चुके हैं और ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने की बात भी दोहरा चुके हैं। पीडब्ल्यूडी प्रमुख अभियंता एनपी सिंह ने कहा है कि गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।
किन्नौर की 100 फीसदी सडक़ें खराब
सडक़ों के रखरखाव में पांच जिलों की हालत सबसे खराब पाई गई है। इनमें किन्नौर, कुल्लू, शिमला, सिरमौर और मंडी शामिल है। किन्नौर में सडक़ों के रखरखाव में असंतोषजनक रिपोर्ट 100 फीसदी है। यहां रखरखाव की श्रेणी में दो काम रखे गए हैं और दोनों ही असंतोषजनक पाए गए हैं। सिरमौर में 28 में से 15 काम असंतोषजनक की श्रेणी में हैं, जो कुल कामों के मुकाबले 53.27 फीसदी है। शिमला और कुल्लू में यह आंकड़ा 50 फीसदी है। शिमला में 10 प्रोजेक्ट रखरखाव की श्रेणी में हैं, लेकिन इनमें से पांच का काम असंतोषजनक पाया गया है। जबकि कुल्लू में दो प्रोजेक्ट चल रहे हैं और इनमें से एक का काम असंतोषजनक है। मंडी में 25 में से 11 प्रोजेक्ट का निर्माण सवालों के घेरे में हैं।
हमीरपुर और मंडी के दो पुल सवालों के घेरे में
स्टेट क्वालिटी मॉनिटर रिपोर्ट में बीते तीन महीने के दौरान 24 पुलों की जांच के आंकड़े शामिल हैं। इनमें से दो प्रोजेक्ट असंतोषजनक पाए गए हैं। यह दोनों पुल हमीरपुर और मंडी में हैं, जबकि नौ पुल ऐसे भी हैं, जिनमें सुधार के निर्देश इस रिपोर्ट में शामिल हैं। जिन पुलों में सुधार के निर्देश जारी हुए हैं उनमें चंबा और मंडी में तीन-तीन जबकि कांगड़ा में दो और हमीरपुर में एक पुल शामिल है। इस रिपोर्ट में 13 पुल इस रिपोर्ट में संतोषजनक पाए गए हैं। असंतोषजनक पुलों का प्रतिशत 8.33 फीसदी है।
