44 करोड़ के जीएस बाली मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के भवन की दीवारों में दरारें
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
टांडा मेडिकल कालेज में तैयार भवन के उद्घाटन के कुछ महीनों बाद ही भीतर रिसने लगा बरसाती पानी, अभी तक अस्पताल का शुरू न हो पाना बना सवाल
डाक्टर राजेंद्र प्रसाद आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल में नवनिर्मित 44 करोड़ की लागत से बने जीएस बाली मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के भवन में दरारें आ गई हैं। हाल ही में हुए उद्घाटन के कुछ महीनों बाद ही जीएस बाली मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के भवन की दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिसके कारण बरसात की शुरुआत में ही अस्पताल भवन की दीवारों से पानी अंदर रिसने लग गया है। हैरानी की बात तो यह है कि उद्घाटन के इतने महीनों बाद भी जीएस बाली मदर एंड चाइल्ड अस्पताल को शुरू नहीं किया जा सका है और उद्घाटन की कोई पट्टिका भी अस्पताल के अंदर या बाहर नहीं लगाई गई है, क्योंकि चुनाव आचार संहिता के कारण नगरोटा बगवां से ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्चुअल उद्घाटन कर दिया था, जो हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि 44 करोड़ की लागत से बने जीएस बाली मदर एंड चाइल्ड अस्पताल की दीवारों में दरारें कैसे आ गईं। जीएस बाली मदर एंड चाइल्ड अस्पताल एक पहेली बन गया है। एक तरफ 44 करोड़ के भवन में रैंप ही नहीं बनाए गए हैं, शायद हिमाचल में यह पहला अस्पताल भवन होगा, जिसमें रैंप ही नहीं बनाए गए हैं। इस नवनिर्मित भवन में वेंटिलेटर व व्हील चेयर को ऊपरी मंजिलों में ले जाने के लिए रैंप ही नहीं बनाया गया है। सीपीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा टांडा मेडिकल कालेज में जीएस बाली मदर एंड चाइल्ड अस्पताल भवन का निर्माण किया गया है।
हालांकि इसमें नई तकनीक की लिफ्टें तो लगाई गई हैं, जो कि सीपीडब्ल्यूडी विभाग के अनुसार कभी खराब ही नहीं होंगी,
