आतंकियों से मुठभेड़, कैप्टन समेत पांच जवान शहीद
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
दहशतगर्दों के खिलाफ घने जंगल में छेड़े गए तलाशी अभियान के दौरान वारदात
जम्मू संभाग के जिला डोडा मुख्यालय से करीब तीस किलोमीटर दूर जंगल और ऊंचे पहाड़ों से घिरे देसा इलाके में आतंकवादियों की फायरिंग में सेना के कैप्टन समेत चार जवान शहीद हो गए। मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी की भी मौत हुई है। यानी कुल पांच जवानों की जान गई है। दरअसल सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान दहशतगर्दों की तलाश में चप्पा-चप्पा खंगालते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान सोमवार शाम साढ़े सात बजे के करीब आतंकियों के साथ मुठभेड़ शुरू हुई। इसके बाद अतिरिक्त बल को भी मौके पर बुलाया गया। रात में एक बार फिर आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई। मानसून के सीजन में यह इलाका धुंध से घिरा रहता है। साथ ही आतंकी ऊंची जगह पर छिपे हुए थे और सेना के जवान नीचे से ऊपर की ओर बढ़ते हुए दहशतगर्दों का मुकाबला कर रहे थे। इसी बीच सेना के कैप्टन बृजेश थापा, जवान नायक डी राजेश, सिपाही बिजेंद्र और अजय सिंह व एक पुलिसकर्मी गोलीबारी में घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। कैप्टन बृजेश थापा, दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) से थे, तो नायक डी राजेश आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। इसके अलावा सिपाही बिजेंद्र और अजय सिंह झुंझुनूं, राजस्थान के रहने वाले थे। उधर, अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी घने जंगल में भाग निकले।
मंगलवार सुबह सूरज की किरणों के साथ ही एक बार फिर बड़े पैमाने में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जो खबर लिखे जाने तक जारी था। खोजी कुत्ते, ड्रोन व अन्य आधुनिक हथियारों के साथ आतंकियों की तलाश की जा रही है। उधर, हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कश्मीर टाइगर्स ने ली है। संगठन ने दावा किया
