Himachal Pradesh

बिजली बोर्ड ने मांगे 65 करोड़, सरकार देने को तैयार नहीं

Spread the love

विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,

प्रदेश में बिजली के ढांचागत विकास को लेकर किए टेंडर पर विवाद के बाद बिगड़ी बात, 26 लाख स्मार्ट मीटर खरीद योजना की फाइल भी अटकी
प्रदेश के सात प्रमुख शहरों में बिजली के ढांचागत विकास को लेकर केंद्रीय योजना के तहत किए गए टेंडर पर विवाद खड़ा हो गया है। इसके बाद बिजली बोर्ड ने सरकार से 65 करोड़ 21 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि मांगी है। जब तक सरकार से यह पैसा नहीं मिलता, तब तक इस काम में बिजली बोर्ड आगे नहीं बढ़ेगा, परंतु सूत्रों की मानें को वित्त विभाग पैसा देने को तैयार नहीं है। खुद वित्त विभाग ने इस पर आपत्तियां उठाई हैं। इतना ही नहीं, इस विवादित टेंडर के साथ 26 लाख स्मार्ट बिजली मीटर का मामला भी फिलहाल अटक गया है, जिस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ बातचीत होने के बाद ही निर्णय होगा। फिलहाल ऐसा माना जा रहा है कि सात शहरों के लिए जो सिंगल बिड टेंडर हुआ है, वह खटाई में पड़ गया है। अब नए सिरे से दोबारा टेंडर करना ही होगा। हालांकि बिजली बोर्ड ने अपनी ओर से सफाई दी है और वित्त विभाग द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब दिए हैं। इसमें बोर्ड ने बताया है कि आखिर क्यों सिंगल बिड टेंडर हुआ है और वह भी 39 फीसदी अधिक दरों पर।
इसमें बताया गया है कि 175.63 करोड़ रुपए की दरें पहले से तय थीं, लेकिन एक ही कंपनी ने बिडिंग की और उसने 240.84 करोड़ रुपए रेट भरा। क्योंकि यह टेंडर दो साल बाद हो रहा है, लिहाजा दो साल में दरें बढ़ी हैं और नियामक आयोग के मापदंडों के अनुसार यह सही हैं। इस तरह की कुछ बातों को बोर्ड ने अपने जवाब में शामिल किया है, मगर सरकार इसपर दोबारा टेंडर करवाने के हक में है। हालांकि फैसला मुख्यमंत्री के आने पर होगा, लेकिन री-टेंडरिंग प्रोसेस इसमें हो सकता है, क्योंकि विपक्ष ने भी इस पर विवाद खड़ा किया