अब जिलावार नहीं की जाएगी सिलेक्शन
स्टेट मेरिट से चुने जाएंगे कांस्टेबल
लोकसेवा आयोग करेगा भर्ती, अब जिलावार नहीं की जाएगी सिलेक्शन
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
हिमाचल पुलिस में इस बार होने जा रही कांस्टेबल भर्ती स्टेट मेरिट से होगी। इससे पहले पद भी जिलावार विज्ञापित होते थे और जिला बड़ी भर्ती होती थी, लेकिन इस बार प्रक्रिया पहले से अलग होगी। इस बार भर्ती एजेंसी भी लोकसेवा आयोग को बनाया गया है। हिमाचल पुलिस ने कुल 1226 पदों को जिलावार बांट दिया था। इसी तरह रिक्विजिशन लोकसेवा आयोग को गई है, लेकिन जिलावार भर्ती का प्रावधान संशोधित पुलिस भर्ती नियमों में नहीं है। इसलिए पुलिस मुख्यालय ने लोक सेवा आयोग को अब नया प्रस्ताव दिया है। इस भर्ती के लिए पद जिलावार जैसे तय किए गए हैं, वैसे ही विज्ञापित होंगे, लेकिन इन पदों के लिए नियुक्ति और आवेदन जिला से बाहर के युवक की भी हो सकती है। हर आवेदक को आवेदन के साथ प्राथमिकता का जिला देना है। अभ्यर्थी की मेरिट के हिसाब से फिर जिले अलॉट हो जाएंगे। इसलिए एक जिला से दूसरे जिला में भी नियुक्ति मिल सकती है। साथ ही पुलिस मुख्यालय ने बैकलॉग के करीब 30 पद और इस भर्ती में जोड़ दिए हैं। इस कारण अब इस भर्ती में कुल पदों की संख्या भी बढ़ जाएगी। लोकसेवा आयोग इसी महीने पुलिस भर्ती के लिए पदों को विज्ञापित कर रहा है। इस भर्ती में पहले ही काफी देरी हो चुकी है।
इससे पहले, 18 जून को हुई कैबिनेट की बैठक में पुलिस भर्ती के लिए आयु सीमा में छूट दी गई थी। मंत्रिमंडल ने भर्ती में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को एक बार के लिए अधिकतम उम्र सीमा में एक साल की छूट देने को मंजूरी दे दी थी। अब 18 से 26 वर्ष की उम्र के सामान्य उम्मीदवार, 18 से 28 वर्ष के अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), गोरखा और प्रतिष्ठित खिलाड़ी वर्ग के उम्मीदवार तथा 20 से 29 वर्ष की उम्र के होमगार्ड कांस्टेबल के रूप में भर्ती के लिए पात्र होंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष में शगुन योजना के अंतर्गत 30-40 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 करोड़ अधिक है। लोकसभा चुनाव तथा विधानसभा उप-चुनावों के दृष्टिगत प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण पिछले कुछ माह से इस योजना के लाभ बेटियों को नहीं मिल रहे थे। चुनाव संपन्न होने के बाद अब शगुन योजना का लाभ मिलना आरंभ हो गया है और प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 20.17 करोड़ की धनराशि सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को लाभार्थियों को आबंटित करने के लिए जारी कर दी गई है।
