Himachal Pradesh

हिमाचल में स्थापित होगी नागरिक सुरक्षा कोर

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आपदा राहत में जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सुक्खू सरकार ने लिया अहम फैसला

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,

हिमाचल प्रदेश में आपदा के समय जन भागीदारी को सुनिश्चित बनाने के लिए सरकार पूरे प्रदेश में 70 हजार नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक रखेगी। इसके लिए प्रदेश में एक नागरिक सुरक्षा कोर स्थापित की जाएगी। गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है और इसका पूरा जिम्मा सिविल डिफेंस डिपार्टमेंट देखेगा। हिमाचल प्रदेश की आबादी का एक फीसदी हिस्सा यानी लगभग 70 हजार लोगों को इस नागरिक सुरक्षा कोर में शामिल किया जाएगा। प्रत्येक जिला में यह कोर स्थापित होगी, जहां पर इसे डीसी के कंट्रोल में रखा जाएगा। सब डिवीजन के स्तर पर एसडीएम इसकी कंट्रोलिंग अथॉरिटी होगी। वहीं पंचायत स्तर पर पंचायत प्रधान वार्डन होंगे। बताया जाता है कि जो लोग अपनी इच्छा से सिविल डिफेंस के इस काम में आपदा के समय अपनी भागीदारी देना चाहते हैं, उनको विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण इसलिए होगा, ताकि किसी भी आपदा में वे बेहतर काम कर सकें और ज्यादा से ज्यादा जीवन बचा सकें। सिविल डिफेंस के तहत बनने वाली इस नागरिक सुरक्षा कोर में लोगों को फिलहाल किसी भी प्रकार का मानदेय नहीं मिलेगा।

अभी तक इस दिशा में कुछ भी तय नहीं किया गया है। अब सवाल यह है कि बिना मानदेय के स्वयं सहायक बनने के लिए प्रदेश में कितने लोग तैयार होंगे। हालांकि ऐसे लोगों की कमी नहीं है, परंतु फिर भी विशेष रूप से जिस कोर का गठन किया जा रहा है उसे लेकर लोगों के मन में इस तरह के सवाल जरूर होंगे। अभी अधिकारी इस पर कुछ भी जवाब नहीं दे रहे हैं, जिनका कहना है कि खाका तैयार किया जा रहा है। गौर हो कि हिमाचल प्रदेश में हर साल आपदाएं होती हैं। चाहे बरसात की बात करें या फिर सर्दियों की, कोई न कोई अप्रिय घटना यहां देखने को मिलती है। इतना ही नहीं, हिमाचल प्रदेश के कई इलाके भूकंप के प्रति भी संवेदनशील है और कहीं न कहीं हलके झटके भी महसूस किए जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों से जूझने के लिए सरकार चाहती है कि जन भागीदारी भी हो और ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग मदद को आगे आएं। ऐसे में नागरिक सुरक्षा कोर का गठन करने का निर्णय लिया गया है।

सिविल डिफेंस डिपार्टमेंट को पूरा खाका बनाने का जिम्मा

सोमवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा के कार्यालय से इसकी अधिसूचना जारी हुई है, जिस पर पूरा खाका बनाने का जिम्मा सिविल डिफेंस डिपार्टमेंट को दिया है, जोकि गृह विभाग के अधीन आता है। इसमें आपदा प्रबंधन विभाग को भी जोड़ा गया है, जो गांव स्तर पर अपने आपदा मित्रों की सेवाएं लेता है। दोनों विभाग मिलकर इस कोर के गठन को अंजाम देंगे।