केजरीवाल के खिलाफ आप के नेताओं ने ही दिए सबूत
कोर्ट में सीबीआई का बड़ा दावा, जमानत पर फैसला सुरक्षित
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
कथित शराब घोटाला केस में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है। सीबीआई केस जमानत के लिए दायर केजरीवाल की याचिका पर सोमवार को जोरदार बहस हुई। सीबीआई ने जहां केजरीवाल को घोटाले का मास्टमाइंड बताया, तो वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री के वकील ने कहा कि जांच एजेंसी के पास कोई सबूत नहीं है। सीबीआई ने यह भी कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद पिछले एक महीने में उन्हें बहुत सबूत मिले हैं और इसे उपलब्ध कराने वालों में आम आदमी पार्टी के नेता भी शामिल हैं। जस्टिस नीना बसंल कृष्णा की अदालत में केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सीबीआई की इस दलील का विरोध किया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को जमानत के लिए पहले ट्रायल कोर्ट जाना चाहिए। सीबीआई ने अदालत को बताया अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है। एजेंसी ने कहा कि सिर्फ चार्जशीट दायर हो जाने से उन्हें जमानत का अधिकार नहीं मिल जाता है। उन्हें अभी तक जमानत नहीं मिली है। केवल अंतरिम जमानतें मिली हैं। सीबीआई के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में ट्रिपल टेस्ट पर चर्चा नहीं हुई है।
यह सिर्फ अंतरिम राहत है, जो संविधान पीठ पर निर्भर है। सीबीआई ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद उन्हें नए सबूत मिले हैं। उनकी पार्टी के कार्यकर्ता और उम्मीदवार ही जवाब देने सामने आ गए। ये पहले नहीं आ रहे थे। हमें पंजाब से सबूत मिले हैं, जो पहले सामने नहीं आया था। उनकी गिरफ्तारी रेयर है, लेकिन हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं। पिछले एक महीने में जिस तरह के सबूत मिले हैं, उसके बाद हमने जांच पूरी कर दी और चार्जशीट दायर कर दी। सीबीआई के वकील ने कहा कि हमने इस केस में 44 करोड़ रुपए का पता लगाया है। यह पैसा गोवा गया। खुद केजरीवाल ने अपने उम्मीदवारों से कहा था कि पैसे की चिंता न करें, चुनाव लड़ें। हमने पंजाब सरकार के दो अधिकारियों के खिलाफ जांच की मंजूरी मांगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इनकार कर दिया। केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद ही पंजाब के अधिकारी सामने आए और इससे अधिक सीधा सबूत नहीं हो सकता है
