जंगलों में आम-अमरूद के पौधे उगाएंगी महिलाएं
लाहुल-स्पीति के बाद पूरे प्रदेश में लागू होगा प्रोजेक्ट, महिलाओं को मिलेगा भुगतान
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
प्रदेश की महिलाएं अब जंगलों में आम और अमरूद समेत के पौधे उगाएंगी। राज्य सरकार महिला मंडलों को वन बीट सौंपने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। आगामी जनवरी तक इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा तय हो जाएगी और अगले साल इसे लांच कर दिया जाएगा। फिलहाल, यह प्रोजेक्ट लाहुल-स्पीति में शुरू किया गया है और यहां महिलाएं बन बीट में पौधे रोपने का काम कर रही हैं। इन पौधों के संरक्षण के एवज में राज्य सरकार महिलाओं को भुगतान कर रही है। राज्य सरकार ने महिला मंडल के माध्यम से जंगलों में फलदार पौधे रोपने का फैसला किया है। आगामी दिनों में प्रदेश के दूसरे जिलों में भी महिला मंडलों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। महिलाएं पौधे रोपने के साथ ही इनकी देखभाल भी करेंगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से महिलाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे और वन विभाग अपने तय 60 फीसदी फलदार पौधों के लक्ष्य को भी पूरा कर पाएगा।
इस मौके पर प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल राजीव कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विभाग की गतिविधियों से अवगत करवाया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी, विधायक हरीश जनारथा, पूर्व मंत्री रंगीला राम राव, हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, उपायुक्त अनुपम कश्यप और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ई-फोरेस्ट पोर्टल लांच
वन विभाग ने सॉफ्टवेयर विकसित किया है। इससे वन संरक्षण और प्रबंधन में मदद मिल पाएगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस सॉफ्टवेयर की शुरुआत की है। ई-फोरेस्ट पोर्टल के माध्यम से स्थायी वन प्रबंधन को गति मिलेगी। इस पोर्टल का उद्देश्य वन कंपार्टमेंट प्रबंधन में महत्त्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करना और वानिकी संचालन की दक्षता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा उन्हें इस सॉफ्टवेयर को शुरू करते हुए खुशी हो रही है। सीआईजेड और सीडैक की मदद से सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया है।
