खड्डों-नालों के पास नहीं बनेंगे घर ,
टीसीपी के संशोधित नियमों की अधिसूचना जारी, विभाग ने 10 साल बाद बदले रूल
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
प्रदेश में अब खड्ड और नालों के पास घर और भवन का निर्माण नहीं कर पाएंगे। नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने नियमों के बदलाव किया है। नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने करीब दस साल के बाद नियमों में बदलाव किया है। बीते वर्ष प्रदेश में बाढ़ से हुए नुकसान के बाद नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने नियमों में बदलाव किया है। बीते वर्ष प्रदेश के मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला जिला में बाढ़ ने काफी तबाही मचाई थी। बाढ़ से हुए नुकसान के बाद नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम-2014 में संशोधन किया ड्राफ्ट जारी किया था।
विभाग की ओर से नियमों में किए गए संशोधन के लिए 30 दिन में आपत्तियां मांगी गई थी, लेकिन नियमों में किए गए बदलाव को लेकर विभाग के पास कोई भी आपत्ति दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद नगर एवं ग्राम योजना विभाग द्वारा नियमों में किए गए बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी है। नगर एवं ग्राम योजना विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने इसके आदेश जारी किए हैं। नियमों के किए गए बदलाव के अनुसार इस संक्षिप्त नियमों का नाम हिमाचल प्रदेश नगर और ग्राम योजना नियम-2024 रखा गया है। ये नियम राजपत्र (ई-गजट) हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित की तारीख से लागू होंगे।
कुछ ऐसे होंगे नए नियम
हिमाचल प्रदेश नगर और ग्राम योजना नियम 2024 में सरकार जोखिम आधारित क्षेत्र के वर्गीकरण के अनुसार अधिक जोखिम वाले भवनों के लिए सट्रक्चर स्टेबिलिटी डिजाइन रिपोर्ट और सट्रक्चर स्टेबलिटी स्थिरता प्रमाण पत्र के साथ भू-वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आवश्यक होगी। इसके अलावा विभाग के निदेशक किसी रजिस्ट्रीकृत सट्रक्चर स्टेबिलिटी इंजीनियर के रजिस्टीकरण को निलंबित या फिर रद्द भी कर सकेंगे। नियमों में किए गए बदलाव के अनुसार घर या फिर भवन निर्माण के लिए नाले से पांच मीटर और खड्डों से सात मीटर की दूरी रखनी होगी। इसके अलावा फोरलेन, एनएच, स्टेट हाइवे के चिन्हित खंडों में घाटी की तरफ निर्मित होने वाले भवन सडक़ के स्तर से एक मीटर की नीचे की दूरी पर होंगे। वहीं, अत्याधिक सुविधाजनक, दृश्य वाले स्थलों और पर्यटन संभावनाओं वाले सडक़ खंडों पर वैली व्यू लागू करने से पूर्व प्रदेश सरकार द्वारा वैली व्यू को संरक्षित और सुरक्षित रखने के लिए इनकी पहचान करेगी।
