Cyber Crime: साइबर ठगों ने दो महीने में ठगे तीन करोड़
प्रदेश में शातिरों ने लोगों को बनाया निशाना; कभी ऑनलाइन, तो कभी सेक्स टार्शन के नाम पर लोगों से फ्रॉड
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
साइबर ठग हिमाचल प्रदेश के लोगों को साइबर ठगी का निशाना बना रहे हैं। प्रदेश में आठ अलग-अलग मामलों में साइबर ठगों ने करीब तीन करोड़ की चपत लगाई है। प्रदेश में आए दिन साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं और ऐसे में लोगों में जागरूकता जरूरी हैं। प्रदेश में जुलाई और अगस्त में शिमला, मंडी, धर्मशाला के रेंज लेवल के साइबर थानों में आठ केस रजिस्ट्रर हुए हंै। इसमें छह केस फाइनांशियल फ्रॉड और दो केस डेफामेशन और फेक न्यूज के से संबंधित है। साइबर क्राइम पुलिस थाना शिमला में जुलाई-अगस्त के महीने में पांच केस रजिस्ट्रर हुए हंै, जिसमें स्टॉक ट्रेंडिंग, टास्क वेस्ड फेक पोर्टल, फेक न्यूज और डेफामेशन के मामले सामने आए हैं।
स्टॉक ट्रेंडिंग में शिकायकर्ता के साथ 780998550 की ठगी हुई है। ट्रेंडिंग में शिकायकर्ता के साथ 2130000 रुपए की ठगी हुई है। टास्क वेस्ड फेक पोर्टल में शिकायकर्ता के साथ 3907836 रुपए की ठगी हुई है। मंडी में इंशोरेंस फ्रॉड में शिकायकर्ता के साथ 4300000 रुपए की ठगी हुई है। सेक्स टार्शन में शिकायकर्ता के साथ 2714500 की ठगी हुई है। साइबर क्राइम पुलिस थाना धर्मशाला में एक केस रजिस्ट्रर हुआ है, जिसमें फेक पुलिस अधिकारी का मामला सामने आया है, जिसमें किसी व्यक्ति ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर शिकायकर्ता से 5400000 रुपए की ठगी की है।
ऑनलाइन ठगी से ऐसे करें बचाव
साइबर सैल के डीआईजी मोहित चावला का कहना है कि किसी भी अपरिचित और अनजान ऐप को डाउनलोड न करें। किसी भी ऑनलाइन ट्रेंडिंग ऐप द्वारा कोई भी निवेश न करें। यदि निवेश करना उचित समझें, तो ट्रेंडिंग ऐप को अच्छे से जांच व परख लें। किसी भी टास्क बेस्ड फेक पोर्टल को डाउनलोड न करें तथा पोर्टल में अपनी कोई भी निजी/वित्तीय जानकारी साझा न करें। साइबर हेल्पलाइन 1930 और इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर डिवीजन के नंबर 011-23438207 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
