मरीजों को आज भी नहीं मिलेगा उपचार, हड़ताल के कारण नहीं चलेगी ओपीडी
डाक्टरों की हड़ताल के कारण नहीं चलेगी ओपीडी, मेडिकल आफिसर एसोसिएशन की बैठक में फैसला
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
प्रदेश भर के स्वास्थ्य संस्थानों में सोमवार को भी ओपीडी सुविधाएं प्रभावित रहेंगी। कोलकाता की घटना के खिलाफ प्रदेश भर में चिकित्सकों का आंदोलन जारी है और इस आंदोलन को सभी चिकित्सक एसोसिएशन ने अपना समर्थन दिया है। शिमला में रविवार देर शाम मेडिकल आफिसर एसोसिएशन की हंगामेदार बैठक में सोमवार को हड़ताल में शामिल होने का फैसला लिया गया। हालांकि इस दौरान आपरेशन थियेटर और आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को उपचार मिल सके, इस बारे में निर्णय लिया गया है। इसके अलावा मेडिकल एंड डेंटल कालेज टीचर एसोसिएशन और आरडीए भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल रहेंगे। चिकित्सक संघ हिमाचल में उनकी सुरक्षा को लेकर बनाए गए अधिनियम को जल्द से जल्द लागू करने का भी आह्वान कर रहे हैं। चिकित्सकों की इस हड़ताल की वजह से सोमवार को सामान्य ओपीडी में मरीजों को उपचार नहीं मिल पाएगा। यह लगातार तीसरा दिन है, जब मरीज अस्पतालों में मायूस होंगे। इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को भी ओपीडी प्रभावित रही हैं। चिकित्सकों की इस हड़ताल का बड़ा असर प्रदेश के सभी मेडिकल कालेज में देखने को मिलेगा।
संघ ने एक बार फिर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आह्वान किया है कि प्रदेश के सभी अस्पतालों, जिनमें दिन-रात सुविधा दी जाती है, उनमें पुलिस सिक्योरिटी प्रदान की जाए। साथ ही (हिंसा और संपत्ति को नुकसान की रोकथाम) संशोधन अधिनियम 2017 को अधिसूचित करने का भी आह्वान किया है। रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन के विशेष सचिव डा. मनीष गुप्ता ने बताया कि कोलकाता में प्रशिक्षु डाक्टर के रेप और मर्डर केस में चल रही छानबीन में पारदर्शिता लाने की जरूरत है। साथ ही सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द से जल्द लागू करने और कोलकाता कांड में आरोपी प्रबंधन वर्ग से जुड़े पदाधिकारियों का इस्तीफा लेने का आह्वान किया है।
प्रभावित नहीं होंगी आपातकालीन सेवाएं
सोमवार को आपातकालीन सेवाओं को छोडक़र अन्य सभी सेवाएं प्रभावित होंगी। हिमाचल मेडिकल आफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश राणा ने बताया कि वह रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन की हड़ताल का समर्थन करते हैं और जब तक मामले का समाधान नहीं हो जाएगा, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
