चुराह:तीन बहनों के मिलन के साक्षी बने हजारों श्रद्धालु ,
तीन देवियों के मिलन के गवाह हजारों श्रद्धालु बने।
ऐतिहासिक खुंडी जातर मेले के दौरान मंगलवार को ये सौभाग्य लोगों को मिला।
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
चंबा जिले की चुराह घाटी में एक ऐसी देव स्थली पड़ती है जहां पर भद्रो मास में तीन देवी बहने ठीक इसी दिन आपस में मिलने मिलने की आती है। और इस जातर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भिन्न भिन्न स्थानों से देव चिह्नों को अपने साथ लेकर आते है। आपको बता दे, कि यहां चांजू से देव चिह्नों को लेकर जयकारों के साथ देव गूर खुंडी माता के गूरों के साथ गले मिले। बीते रविवार से खुंडी जातर शुरू हो चुकी है। तीसा, साहो, लिल्ह की ओर से हजारों की भीड़ दुर्गम रास्तों और नालों को पार करते हुए खुंडी डलझील पहुंची। मंगलवार सुबह खुंडी डल में देव गूर ने पूजा-अर्चना के बाद हजारों श्रद्धालुओं के साथ पवित्र डल में आस्था की डुबकी लगाई। आपको बता दे, कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 18 से 20 अगस्त तक पवित्र खुंडी जातर का आयोजन किया गया। खुंडी मराल जातर मेले में रात को श्रद्धालु रियाली में रुकने के बाद आगे की यात्रा आरंभ करते हैं। लोग ऐतिहासिक चांजू माता मंदिर में माथा टेकने के बाद खुंडी मराल की यात्रा आरंभ करते हैं। चांजू काली माता मंदिर से दंतुई गांव से पैदल 28 से 30 किलोमीटर सफर खुंडी मराल तक का रहता है। बीते सोमवार पारंपरिक वाद्य यंत्रों और माता के जयकारों के साथ देव गूरों समेत श्रद्धालुओं ने खुंडी मराल के लिए रुख किया। माता के चिह्नों के साथ देव गूरों ने रियाली में ठहराव किया और मंगलवार अल सुबह खुंडी मराल के लिए कूच किया। खुंडी मराल पहुंचने पर चांजू और साहो-सिल्लाघ्राट से पहुंचे देव गूर गले मिले। चांजू माता, लिल्ह और साहो से पहुंचीं देवियों के मिलने के गवाह हजारों लोग बने।
