प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के निजी संस्थानों में भी लगेंगे पानी के मीटर, जानें दरें
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे
हिमाचल प्रदेश में अब सरकारी और प्राइवेट संस्थानों को भी तय दरों के तहत पानी का बिल भरना होगा। जो संस्थान जितना ज्यादा पानी उपयोग करेगा, उतना ही बिल आएगा
सरकार की ओर से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क पानी की योजना बंद करने के बाद अब सरकारी और प्राइवेट संस्थानों को भी तय दरों के तहत पानी का बिल भरना होगा। जो संस्थान जितना ज्यादा पानी उपयोग करेगा, उतना ही बिल आएगा। इसके लिए विभाग की ओर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में मीटर लगाने की कवायद शुरू कर दी जाएगी। इससे जहां पानी की खपत का पता भी चलेगा और जलशक्ति विभाग इस खपत के आधार पर लोगों को बिल जारी करेगा। जानकारी के मुताबिक पूर्व सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को निशुल्क पानी देने की योजना शुरू की थी। इसके बाद कई संस्थान घरेलू कनेक्शन से ही पानी का अपनी इच्छा से उपयोग कर रहे थे।
वहीं, विभाग को भी इसकी कोई जानकारी नहीं होती थी कि कौन कितने पानी का उपयोग कर रहा है। न ही विभाग को इसका कोई लाभ होता था। अब मीटर लगने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी और निजी संस्थानों में पानी की खपत के साथ बिल लिया जाएगा। इसके चलते सरकार के खजाने में पैसा भी जमा होगा।
