Himachal Pradesh

कृषि हेल्पलाइन : पीली होकर गिरने लगे पत्तियां, तो तुरंत करें तिल फसल की कटाई

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संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे

धान की बालियां तथा फूल निकलने के समय खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। धान में नाइट्रोजन की अंतिम टॉप ड्रसिंग, बाली बनने की प्रारंभिक अवस्था में 15 से 30 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। टॉप ड्रेसिंग करते समय खेत में दो से तीन सेंटीमीटर से अधिक पानी नहीं होना चाहिए। मक्का की फसल में नर मंजरी निकलने की अवस्था एवं दाने की दूधियावस्था सिंचाई की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। जहां वर्षा नहीं हुई हो या नमी की कमी हो, तो सिंचाई अवश्य करें। मक्का की कटाई तब करें, जब भुट्टों के ऊपर की पत्तियां सूखने लगें तथा दाना सख्त हो जाए। सोयाबीन व सूरजमुखी की फसल में वर्षा न होने की स्थिति में फूल व फली बनते समय आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें। तिल की पत्तियां, जब पीली होकर गिरने लगें तथा पत्तियां हरा रंग लिए हुए पीली हो जाएं, तब समझना चाहिए कि फसल कटाई के लिए तैयार है।

देरी से कटाई करने पर फलियों के चटकने से बहुत अधिक नुकसान होता है। मक्का की समय पर कटाई करने के तुरंत बाद तोरिया की फसल जिसके लिए उपयुक्त तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस की आवश्यकता होती है, की तैयारी किसानों को कर लेनी चाहिए। तोरिया की खेती के लिए अधिक सिंचाई की आवश्यकता नहीं है, लेकिन तोरिया के खेत में जल निकासी का उचित प्रबंध अवश्य होना चाहिए। ज्वार, बाजरा, मक्का आदि चारे वाली फसलों में वर्षा न होने या सूखे की स्थिति होने पर हल्की सिंचाई करनी चाहिए। इस समय बरसीम चारे की फसल की बिजाई की जा सकती है।

कच्चे-मुलायम फल की तुड़ाई कर भेजें बाजार

कद्दूवर्गीय सब्जियों जैसे खीरा, घीया, तोरई, करेला एवं कद्दू के कच्चे व मुलायम फल की तुड़ाई कर बाजार भेजें। इन फसलों में निराई गुड़ाई के साथ उर्वरक का प्रयोग कर सिंचाई करें। निचले पर्वतीय क्षेत्रों में फूलगोभी की किस्में पालम उपहार, इम्पू्रवड़ जापानीज, मेघा आदि की तैयार पौध की रोपाई करें। फूलगोभी की पछेति किस्म जैसे पूसा स्नोवाल-16, पूसा स्नोवाल के-1, पूसा स्नोवाल के-25, पूसा शुभ्रा तथा संकर किस्म श्वेता, 626, माधुरी, महारानी, लक्की, व्हाईट गोल्ड, बन्दगोभी की किस्म प्राइड ऑफ इंडिया, गोल्डन एकड़, पूसा मुक्ता तथा संकर वरूण, इम्पु्रभड बहार, गांठ गोभी की किस्म व्हाइट वियाना, पालम टैंडरनाब, परपल वियाना, ब्राकली की उन्नत किस्म पालम समृधि, पालम हरीतिका, पालम कंचन व पालम विचित्रा तथा चाईनीज बन्दगोभी (पालमपुर ग्रीन) की नर्सरी तैयार करने के लिए बीज उपचार कर बिजाई करें।