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IGMC में स्क्रब टायफस से दो मौतें

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मंडी और कुल्लू की दो युवतियां बनी संक्रमण की शिकार, 59 केस पॉजिटिव

विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज व अस्पताल में बुधवार को स्क्रब टायफस से दो मरीजों की मौत हो गई। दोनों युवतियां मंडी और कुल्लू की रहने वाली थीं। एक की उम्र 17 और दूसरे की 25 साल थी। दोनों युवतियों को कुछ दिन पहले ही अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। मंगलवार को तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद दोनों ने दम तोड़ दिया। बता दें कि इसे पहले मंडी और शिमला के पंथाघाटी के दो बुजुर्ग मरीजों की भी स्क्रब टाइफस से मौत हो चुकी है।
आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. राहुल राव ने दोनों युवतियों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया है साथ ही इस बीमारी के लक्षण नजर आने पर अस्पताल आने को की सलाह दी है। बता दें कि जनवरी 2024 से अभी तक आईजीएमसी में करीब 588 स्क्रब टायफस के मामले आए, जिसमें 59 पॉजिटिव पाए गए। और अभी तक स्क्रब टायफस से चार लोगों की मौत हो चुकी है।
स्क्रब टायफस के लक्षण
चिकित्सकों के मुताबिक, स्क्रब टाइफस से तेज बुखार आता है। इससे जोड़ों में दर्द के साथ साथ शरीर में अकडऩ, शरीर टूटना, गर्दन में संक्रमण, बाजू के नीचे गिल्टियां आना शुरू होती है। इन लक्षणों के नजर आते ही मरीजों को अस्पताल आना चाहिए।
ऐसे करें बीमारी से बचाव
इस बीमारी से बचने के लिए शरीर में सफाई का ध्यान रखना होता है। घर और आसपास के वातावरण को साफ रखना होता है।
कीट के काटने से संक्रमण
यह बीमारी झाडियों यानी स्क्रब या बुश में पाए जाने वाले माइट यानी चींचड़ा के काटने से होती है। इसलिए इसका नाम स्क्रब टायफस रखा गया है। इसे बुश टायफस भी कहते हैं। हिमाचल में हर साल बरसात खत्म होने के बाद स्क्रब टायफस से मौत के मामले सामने आते है।