आईजीएमसी में लिवर, किडनी और कैल्शियम के टेस्ट बंदसुबह 8:30 बजे से न्यू ओपीडी में लिए सैंपल
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
बताया जा रहा है कि बीते दिनों ही मशीन में समस्या आनी शुरू हो गई थी। यहीं वजह है कि अस्पताल प्रबंधन ने शनिवार सुबह न्यू ओपीडी के सैंपल क्लेक्शन सेंटर में निजी क्रस्ना लैब को मरीजों के सैंपल लेने की परमिशन दी। इसके बाद ओपीडी से आए मरीजों ने ओपीडी टाइम में सैंपल दिए। हालांकि मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। इस वजह से रिपोर्ट दिखाने के लिए मरीजों को अब सोमवार को आना पड़ेगा।एनालाइजर मशीन के खराब होने से परेशानी
अस्पताल प्रबंधन ने निजी लैब में जांच के लिए भेजे 250 सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की सरकारी लैब में मरीजों के लिवर, किडनी और कैल्शियम समेत अन्य टेस्ट नहीं हुए। इस वजह से मरीजों को यह टेस्ट निजी क्रस्ना लैब में करवाने पड़े।
आईजीएमसी की सरकारी बायो केमिस्ट्री लैब की हालत दयनीय है। आलम यह है कि अस्पताल की लैब में जो एनालाइजर मशीन लगी है, वह खराब पड़ी है। इस वजह से यह टेस्ट निजी लैब की ओर से किए गए। करीब 250 से अधिक सैंपलों की निजी लैब में जांच हुई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि शनिवार शाम तक इंजीनियर की मदद से एनालाइजर मशीन को ठीक कर दिया गया है। अब पहले की तरह रूटीन सैंपलों की जांच सरकारी लैब में ही होगी। बता दें कि आईजीएमसी में औसतन 3000 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है। सरकारी लैबों में अधूरे टेस्ट होने के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को चाहिए कि सरकारी लैब को मजबूत करे
