Himachal Pradesh

टैक्स शेयर और ग्रांट बढ़ाए वित्त आयोग, CM सुक्खू ने डा. अरविंद पनगढिय़ा को दिया नया मेमोरेंडम

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डा. अरविंद पनगढिय़ा को दिया नया मेमोरेंडम
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को नई दिल्ली में वित्त आयोग के अध्यक्ष डा. अरविंद पनगढिय़ा से भेंट कर राज्य के लिए नई वित्तीय डिमांड रखी हैं। इस दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोग के समक्ष प्रस्तुति दी और एक अतिरिक्त ज्ञापन भी सौंपा। यह पहली बार हुआ है कि वित्त आयोग को एडिशनल मेमोरेंडम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त आयोग हिमाचल के लिए टैक्स की होरिजेंटल डेवोल्यूशन में फॉर्मूला बदले और बर्फ से ढके क्षेत्र को भी फोरेस्ट एरिया माने। इससे टैक्स इवेल्युएशन फार्मूले में राज्य का हिस्सा 10 फीसदी से बढक़र 12.5 फीसदी हो जाएगा। सीएम ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान में हर साल कटौती करने का फार्मूला 15वें वित्त आयोग ने गलत दिया था। पिछले पांच वर्षों में राज्य को 37,119 करोड़ मिले, लेकिन वर्तमान वित्त वर्ष में यह राशि सबसे कम 3257 करोड़ है। वित्त आयोग यह सुनिश्चित करे कि अगले पांच वर्ष की अवधि में राज्य को 50000 करोड़ का रेवेन्यू डिफिसिट ग्रांट मिले। मुख्यमंत्री ने वित्त आयोग से हिमाचल को ग्रीन फंड या ग्रीन बोनस देने की भी मांग की, जो देश के पर्यावरण और इकोलॉजिकल सेवाओं के लिए भरपाई के तौर पर होगा। हिमाचल ने सुझाव दिया है कि पहाड़ी राज्यों के लिए स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस स्कीम में से 50000 करोड़ का फंड इसके लिए बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने हिमालयन क्षेत्र के लिए डिजास्टर रिस्क इंडेक्स में भी बदलाव करने को कहा, ताकि हिमाचल को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ में ज्यादा पैसे मिल सकें। एडिशनल मेमोरेंडम में यह मांग भी की गई है