घणी घणी धुरी पई गई ओ सीमा रानिए मुड़ी आया रुत बरसाला हो
घणी घणी धुरी पई गई ओ सीमा रानिए मुड़ी आया रुत बरसाला हो
बेशक जनजातीय क्षेत्र भरमौर में कई लोगों ने अपनी पारंपरिक विरासत को को दिया हो लेकिन एक ऐसा शख्स भी है जो अपनी पारंपरिक विरासत का प्रचार शोसल मीडिया के माध्यम से कर रहा है क्षेत्र की उपतहसील होली के अंतर्गत आने वाली कुठेड़ पंचायत के रहने वाले राजिंद्र सूर्यवंशी अपने परिवार सहित मुशाधा गायन का प्रचार कर रहे है राजिंद्र आए दिन शोसल मीडिया पर मुशाधा गायन का कोई न कोई वीडियो अपलोड करते रहते है।
