जनजातीय क्षेत्र भरमौर में सर्दियों के आगमन पर बागवानों ने सेब के बागीचों के सर्दकालीन कार्य शुरू कर दिए हैं – उद्यान विकास अधिकारी भरमौर डॉक्टर मनोहर लाल…
जनजातीय क्षेत्र भरमौर में सर्दियों के आगमन पर बागवानों ने सेब के बागीचों के सर्दकालीन कार्य शुरू कर दिए हैं उद्यान विकास अधिकारी भरमौर डॉक्टर मनोहर लाल ने क्षेत्र के बागवानों से इस वक्त होने वाले बागवानी सम्बन्धी कार्योँ को लेकर जानकारी सांझा करते हुए कहा कि आजकल पहले तो लोग अपने बगीचे में पेड़ के तनों को कैंकर से बचाने के लिए चुने का पेस्ट लगा दें।चुने का पेस्ट बनाने के लिए 50 लीटर पानी में 10 से 12 किलो चूना, 2 से 3 किलो नीला थोथा और 3 लीटर अलसी का तेल व 1 लीटर डीडीएल का घोल बनाएं और पेस्ट को तने पर लगा दें।उन्होंने कहा कि इसके बाद बागवान दूसरा महत्वपूर्ण कार्य यह करें कि
अपने बागीचे में गिरे हुए सेब के सड़े गले फल उठा कर जला दें या फिर मिट्टी में दवा दें इसके आलावा बागवान तीसरा प्रमुख कार्य यह करें कि पौधों के तौलिए बना कर विभाग द्वारा अनुमोदित खाद की मात्रा मिला दें उन्होंने यह भी कहा कि चौथा कार्य
बागवान बागीचे में प्रूनिंग का कार्य 20 दिसंबर और 15 फरवरी के बीच में पूर्ण कर लें। कई बागवानों ने पत्ते झड़ने से पहले ही प्रूनिंग शुरू कर दी है जो की गलत है। जो कि सरासर गलत है उन्होंने कहा कि भरमौर में बागवानी को वैज्ञानिक तौर पर करने की आवश्यकता है और इसके लिए अगर किसी बागवान को उनकी सलाह की आवश्यकता है तो बागबान
9459222093 मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
