भरमौर में सीजन के पहली बर्फवारी राहत के साथ लेकर आई आफत…..
भरमौर में सीजन के पहली बर्फवारी राहत के साथ लेकर आई आफत…..
ट्राइबल टुडे
भरमौर:जनजातीय क्षेत्र भरमौर में सीजन की पहली बर्फबारी राहत के साथ साथ आफत भी लेकर आई है पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है काफी लम्बे अरसे बाद क्षेत्र में हुई बर्फबारी के बाद जनजातीय क्षेत्र भरमौर के बागवानों और किसानों के चेहरे खिल उठे है बता दें कि कई वर्षों बाद कबायली क्षेत्र में दिसम्बर और जनवरी माह में बर्फ नही गिरी थी जिसका सबसे बड़ा नुकसान यहां की प्रमुख नगदी फसल सेब को उठाना पड़ सकता था लेकिन देर सवेर ही सही इस बर्फबारी के बाद क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है बागवानों को माने तो सेब की अच्छी पैदावार के लिए सर्दियों में चिलिंग आवर जरूरी होते है उन्होंने यही वजह है कि क्षेत्र के लोग बर्फबारी की मुराद इंद्र देवता से मांग रहे थे कई माह के बाद मौसम मेहरबान हुआ तो बागवानों और किसानों की मुराद पूरी हो गई और उनके चेहरे खिल उठे है यही नहीं यह बर्फबारी सेब की फसल के आलावा गेहूं, जों और मटर आदि फसलों के लिए भी संजीवनी सिद्ध हो सकती है वहीं दूसरी ओर राहत के साथ साथ आफत भी यह बर्फबारी लाई है जैसे ही भरमौर में बर्फबारी का दौर शुरू हुआ तो सबसे पहले बिजली चली गई और वीरवार सुबह से उपमंडल भरमौर में अंधेरा छाया हुआ है यही नहीं एक और जहां अधिकतर सम्पर्क मार्ग ठप्प पड़े है तो वही दूसरी और भरमौर पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग धरवाला के पास कई घंटो तक बन्द वहीं खडामुख होली सड़क मार्ग भी वीरवार सुबह ज्यूरा माता मन्दिर के पास भूस्खलन के कई घंटो तक बन्द रहा इस सड़क मार्गों के बंद होने से भरमौर और होली से सुबह सुबह जिला कांगड़ा और जिला मुख्यालय चंबा की ओर जाने वाली अधिकतर बसों के रूट फेल हो गए है और वह बीच राह में खड़ी है।
उधर वीरवार सुबह सुबह क्षेत्र में हो रही बर्फबारी के बाद यहां के बाजारों से रौनक गायब हो चुकी है और कड़ाके की सर्दी के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर है।बहरहाल क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी के साथ ही बिजली और यातायात जैसी व्यवस्था चरमरा गई है और लोग परेशानियों से दो चार होने को मजबूर है।
