अंतिम शाही जलेब में टूटा भीड़ का रिकार्ड, छोटी काशी से अपने धाम लौटे 300 से ज्यादा देवी-देवता

ट्राइबल टुडे
अंतराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के समापन पर राज्यपाल ने राजदेवता माधोराय-बाबा भूतनाथ का लिया आशीर्वाद, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
सात दिनों तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी शुक्रवार को राजमाधव की अंतिम शाही जलेब के साथ पूर्ण हो गया। मंडी जिला के सराज, दं्रग, सदर, बल्ह और अन्य क्षेत्रों से आए 300 से अधिक देवी-देवता भी छोटी काशी से अपने धाम लौट गए हैं। ये देवी-देवता इतने दिनों तक मंडी जिला प्रशासन और छोटी काशी की जनता के मेहमान बने रहे। देवी देवताओं के संग आए हजारों देवलु भी वापस चले गए हैं। इस बार अंतराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में पिछले कई वर्षो के मुकाबले रिकार्ड भीड़ उमड़ी। पहली शाही जलेब के बाद दूसरी शाही जलेब में भी हजारों लोगों ने शिरकत की थी, जबकि अंतिम जलेब में इस बार भीड़ के रिकार्ड टूट गए। वर्षों बाद अंतिम शाही जलेब में यह नजारा देखने को मिला। बाबा भूतनाथ के प्रांगण चौहटे में स्वर्ग सा नजारा बना और हजारों लोगों ने देवी-देवताओं के दर्शन किए। देवी-देवता आपस में मिलने के बाद वापस अपने अपने गांव लौट गए। इस बार शिवरात्रि महोत्सव में पहली बार 216 पंजीकृत देवी देवताओं में 200 देवी-देवताओं ने शिरकत की है। उधर, अंतिम शाही जलेब में प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शिरकत की।
उनके साथ नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सदर विधायक अनिल शर्मा और धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने अन्य अतिथियों संग खुली जीप में सवार होकर लोगों का अभिनंदन स्वीकार किया। इससे पहले उन्होंने राजदेवता माधोराय और बाबा भूतनाथ के मंदिर पूजा-अर्चना की।
