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राज परिवार को सिर्फ चुनावी वेला में आती है मंडी की याद

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जयराम बोले, 15 महीनों में सडक़ों से गिरा मलबा नहीं हटवा सके पीडब्ल्यूडी मंत्री,

संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,

पूर्व मुख्यमंत्री एवम नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज परिवार को सिर्फ वोट मंागने के समय मंडी की याद आती है। इसके सिवाय मंडी के विकास के लिए कभी कोई योगदार नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण मंत्री व कांग्रेस के प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह 15 महीनों में सडक़ों का मलबा नहीं उठवा सके हैं और बात मंडी के विकास की कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि एक ही परिवार द्वारा इतनी बार मंडी संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व केंद्र में करने के बाद यहां के लोगों को क्या मिला है, यह जनता जानती है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकाघाट के बलद्वाड़ा और सुंदरनगर के डैहर में भाजपा पन्ना सम्मेलनों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी नाचन में प्रश्न पूछ रहे थे कि भाजपा प्रत्याशी कंगना रणौत ने मंडी के लिए क्या किया है।
कंगना ने क्या किया और क्या करेगी, उसका जवाब तो मिल जाएगा, लेकिन आपकी इतनी पीढिय़ां यहां से चुनाव जीतकर गईं, आप बताएं कि आपके परिवार ने मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए क्या किया। हमसे सीधी बात करने से पहले आपको हमारे कार्यकर्ताओं से निपटना होगा। आपदा में सात पुल मंडी में बह गए, लेकिन आपने एक भी रिस्टोर नहीं किया। जनता ही इन सवालों का जवाब आपसे पूछ रही है कि आप सिर्फ चुनाव लडऩे ही मंडी क्यों आते हैं उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस नेता भाजपा प्रत्याशी कंगना रणौत का अपमान कर रहे हैं। ऐसे में माताओं-बहनों से मेरा निवेदन है कि जिस प्रकार का अपमान कांग्रेस ने आपकी इस बेटी का टिकट मिलने पर किया है, उसका जवाब देने का मौका आपके पास अब है।
टिकट मिलते ही कंगना रणौत के पीछे पड़ गई कांग्रेस
जयराम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार महिलाओं का अपमान कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। जैसे ही हिमाचल की बेटी अभिनेत्री कंगना रणौत को भाजपा का टिकट मिला है तो देशभर में कांग्रेस उनके पीछे पड़ गई। अपने हर मंच से उनको भद्दी गालियां और अपमानजनक बातें बोली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकाघाट की इस बेटी की लोकप्रियता से इतने घबराए हुए हैं कि अब पूरी मातृ शक्ति का भी अपमान करने लगे हैं।
इनको सिर्फ चुनावों के वक्त वोट के लिए माताओं बहनों का ख्याल आता है। पंद्रह महीनों से इनकी प्रदेश में सरकार चल रही है लेकिन तब इन्हें महिलाओं को 1500 देने की याद नहीं आई और अब जब फि र वोट मांगने का वक्त आया, तो फि र माताओं और बहनों को लाइनों में खड़ा कर फ ार्म भरने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने और कंगना रनौत ने संघर्ष करना सीखा है। मैं साधारण परिवार से आता हूं और अपने दम पर यहां पहुंचा हूं। कंगना ने भी यह पहचान अपने परिश्रम से बनाई है।