कुठेड़ हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की क्रशर प्लांट साइट पर रावी नदी में फेंका जा रहा मक
जनजातीय क्षेत्र भरमौर में बन रहे कुठेड़ हाईड्रो प्रोजेक्ट के चोली स्थित क्रशर प्लांट साईट पर नियमों को तार तार कर मक को रावी नदी में धकेला जा रहा है। जिससे रावी नदी प्रदूषित हो रही है। वहीं बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे लोगों को भी खतरे में डाला जा रहा है। साईट पर मक के लिए नदी के किनारे क्रेट लगाने में भी महज लीपापोती ही की है और कई जगह पर क्रेट भी पलट गए है। जबकि कुछ स्थानों पर मलबा क्रेट के उपर से होकर सीधा रावी नदी में गिर रहा है। हैरानी की बात है कि कंपनी की इस मनमानी को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वन विभाग मूकदर्शक बने हुए है। मच्छेतर गांव के रविंद्र ठाकुर का कहना है कि प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही भूमि कंपनी मनमानी पर उतारू है। क्रशर प्लांट साईट पर मक रावी नदी में कंपनी फैंक रही है। बावजूद इसके अभी तक विभागों की ओर से कोई कारवाई नहीं की जा रही। उनका कहना है कि बरसात का सीजन आने वाला है और ऐसी स्थिति में जलस्तर बढ़ता है, तो उनके मकानों को भी खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में रावी नदी में बाढ़ आने के दौरान भी उन्हें काफी नुक्सान उठाना पड़ा था। वहीं स्थानीय राजू शर्मा का कहना है कि कंपनी की इस मनमानी पर आज दिन तक किसी ने कारवाई नहीं की। लोगों ने मांग की है कि नियमों के खिलाफ काम कर रही कंपनी के खिलाफ कड़ी से कड़ा कारवाई अमल में लाई जाए।
